रायबरेली। कानपुर देहात के रनिया पीएसी में तैनात एक चिकित्सक अपनी पत्नी-बेटी पर मुस्लिम धर्म अपनाने और कलमा पढ़ने का दबाव बना रहा है। शनिवार को मां-बेटी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस को बयान दर्ज कराए। महिला का आरोप है कि बिना उन्हें तलाक दिए ही पति ने मुस्लिम युवती से निकाह कर लिया। उन्हें व उनके बेटे को गुजारे के लिए पैसे नहीं देते हैं। उनके पति, बेटे ने मुस्लिम धर्म अपना लिया है।
रायबरेली शहर के आचार्य द्विवेदी नगर की रहने वाली महिला संगीता द्विवेदी अपनी आठ वर्षीय बेटी के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। महिला के मुताबिक उनका मायका लखनऊ में है। साल 2008 में उनकी शादी सरकारी चिकित्सक गणेश प्रसाद द्विवेदी से हुई थी। महिला ने बताया कि 2015 में उनके पति के संपर्क में मुस्लिम युवती साजिदा आती है, जिसके साथ वह रहने लगते हैं। साल 2020 में पति ने मुस्लिम महिला के साथ गुपचुप तरीके से निकाह कर लिया।
इसके बाद से पति उनका मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे। उन्हें व बेटी पर कलमा पढ़ने, मांस खाने, मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बना रहे हैं। उनके ससुर एडीएम रह चुके हैं। उनकी वजह से कार्रवाई भी नहीं हो पाती। महिला आयोग से मामले की शिकायत की थी। इसलिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय बयान देने आई थी। महिला का आरोप है कि उनके पति व बेटा मुस्लिम धर्म अपना चुके हैं।
फुल कपड़े पहनने का बनाते हैं दबाव
सरकारी चिकित्सक की बेटी शिवन्ना द्विवेदी कक्षा चार की छात्रा है। उसने बताया कि पापा उसे मुस्लिम प्रेयर सिखाते हैं। फुल कपड़े पहनने का दबाव बनाते हैं। पापा कानपुर देहात में तैनात हैं। बेटी ने पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की है।
महिला ने बेटी के साथ कार्यालय आकर बयान दर्ज कराया है। महिला ने पति पर जबरन मुस्लिम धर्म अपनाने, कलमा पढ़ने आदि गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला के आरोपों की जांच कराई जा रही है। पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा।
- अरुण कुमार नौहवार, सीओ सदर