रेलवे स्टेशन में इस तरह जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करते यात्री।
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म बदलने के लिए दोनों छोर पर पैदल पुल बने हैं, फिर भी काफी यात्री जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते रहते हैं।
प्लेटफॉर्म नंबर दो पर जितनी भी ट्रेनें आती हैं, उनमें सवार होने के लिए ज्यादातर यात्री प्लेटफॉर्म एक से ट्रैक पार करके जाते हैं। यही हाल ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों का रहता है, जो पैदल पुल की लंबी दूरी तय करने के बजाए सीधे रेलवे ट्रैक पार कर प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंचते हैं।
रोज की तरफ नजारा ऐसा ही नजर आया। प्लेटफॉर्म नंबर दो पर आई ट्रेनों से ज्यादातर यात्री ट्रैक की तरफ उतरे और पटरियों को पार करके बाहर की तरफ पहुंचे, जिन्हें रोकने वाला कोई नजर नहीं आया। ट्रेन किस प्लेटफॉर्म पर आएगी, इसका बराबर एनाउंसमेंट होता रहता है। इसके बावजूद प्लेटफॉर्म नंबर दो के ज्यादातर यात्री प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ही खड़ रहते हैं। जैसे ही ट्रेन आकर प्लेटफॉर्म नंबर दो पर खड़ी हो जाती है, प्लेटफॉर्म नंबर एक से यात्री दौड़ लगाते हुए प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंचते हैं। इस भागदौड़ में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्टेशन के अलावा रास्ते में भी कई जगह लोगों ने बेरोकटोक पटरी पार करके आते-जाते रहते हैं। हाल ही में शहर के सिविल लाइन इलाके में ट्रैक पार करते समय दो लोग वंदेभारत की चपेट में आ गए थे, जिनमें से एक की मौत हो गई थी। कुछ महीने पहले रायबरेली-रूपामऊ रेलखंड और लक्ष्मणपुर के निकट साइकिल सवार ट्रेन की चपेट में आ गए थे।
आरपीएफ के इंस्पेक्टर एके सिंह और जीआरपी के प्रभारी सचिन कुमार ने बताया कि यात्रियों को लगातार ट्रैक पार न करने के लिए समझाया जाता है। प्लेटफॉर्म पर सिपाहियों की ड्यूटी भी लगती है, ताकि यात्री ऐसा न कर सकें।