रायबरेली। यूपी बोर्ड एग्जाम की प्रायोगिक परीक्षाओं से वंचित रहने वाले परीक्षार्थियों को घबराने की जरूरत नहीं है। यूपी बोर्ड ने ऐसे परीक्षार्थियों को अंतिम मौका देते हुए 22 से 31 जनवरी की तिथि तय की है। इस अवधि में छूटे हुए परीक्षार्थियों को प्रैक्टिकल पूरे कराए जाएंगे। जिन विद्यालयों में अभी तक प्रायोगिक परीक्षा नहीं हुई है, उनके यहां इसी अवधि में परीक्षक आएंगे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज की सचिव नीना श्रीवास्तव ने इस संबंध में फरमान जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 की इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं जिन विद्यालयों में नहीं हो सकी हैं या फिर किन्हीं कारणों से परीक्षार्थी प्रैक्टिकल नहीं दे सके हैं, उन्हें 22 से 31 जनवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल होने का अंतिम अवसर दिया जाएगा।
छूटे हुए विद्यालयों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं परीक्षक भेजकर उसी विद्यालय में ही करा दी जाएंगी, जबकि किन्हीं कारणों से वंचित रह गए परीक्षार्थियों का प्रैक्टिकल जिला मुख्यालय पर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में कराया जाएगा। इसके लिए वंचित परीक्षार्थियों को अपने पंजीकृत विद्यालय या फिर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से संपर्क करना होगा।
यूपी बोर्ड सचिव के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. चंद्रशेखर मालवीय ने सभी विद्यालयों को अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा है कि जिस विद्यालय में प्रैक्टिकल नहीं हो सके हैं या फिर कोई परीक्षार्थी प्रयोगात्मक परीक्षा देने से वंचित रह गया है, उसके संबंध में समय से अवगत करा दें, ताकि दिए गए अंतिम अवसर का लाभ उठाते हुए परीक्षार्थियों को प्रायोगिक परीक्षा में शामिल कराया जा सके।
इसके बाद प्रयोगात्मक परीक्षा करा पाना संभव नहीं होगा। यदि 31 जनवरी के बाद भी कोई प्रयोगात्मक परीक्षा से वंचित रह जाता है तो उसकी जिम्मेदारी परीक्षार्थी अथवा विद्यालय के प्रधानाचार्य की होगी। बोर्ड परीक्षा के आंतरिक मूल्यांकन का ब्योरा विद्यालयों ने यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया है।
इस बारे में जिला विद्यालय निरीक्षक ने फरमान जारी किया है कि शीघ्र ही हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों का आंतरिक मूल्यांकन वेबसाइट पर आनलाइन अपलोड कर दें। डीआईओएस डॉ. चंद्रशेखर मालवीय का कहना है कि इसमें कोताही करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।