रायबरेली। जिले में गुरुवार रात बारिश और तेज हवा चलने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। रात में करीब दो घंटे तक शहर की बिजली आपूर्ति बंद रही। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में कहीं 18 तो कहीं 24 घंटे से बिजली आपूर्ति पटरी से उतरी है। ऐसे में लोगों को सर्दी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के कई इलाकों में दिन में भी बत्ती गायब रही। ऊंचाहार, सलोन और डलमऊ में तो अब तक अभियंता फीडरों में फॉल्ट तक नहीं खोज पाए हैं। सप्लाई बहाल करने की कौन कहे जिम्मेदार अभियंता दफ्तरों और घरों में ही दुबके रहे। जिले के करीब 800 छोटे-बड़े गांवों की आठ लाख से ज्यादा की आबादी बिजली के बगैर बेहाल है।
बारिश और तेज हवा के झोकों ने बिजली आपूर्ति को कागजी कोरम पूरा करने वाले अभियंताओं के दावों की पोल खोल कर रख दी है। गुरुवार की शाम छह बजे अचानक मौसम का मिजाज बदलते ही शहर के इंदिरा नगर, तेलियाकोट, आईटीआई, प्रगतिपुरम की लाइनों में फॉल्ट आने से आपूर्ति ठप हो गई।
कहीं पर दो घंटे तो कहीं तीन घंटे बाद आपूर्ति बंद रही। सबसे खराब हालत ग्रामीण क्षेत्र के रही। शिवगढ़, महराजगंज, बछरावां क्षेत्र की लाइनों में फॉल्ट आने से बिजली गुल रही। यहां शुक्रवार की सुबह बिजली आपूर्ति बहाल हुई। डीह और परशदेपुर की 33 केवी लाइन का तार इमली तिराहे के पास टूट जाने से पूरी रात बिजली नहीं आई।
शुक्रवार शाम तक भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी। सबसे खराब हालत सलोन, डलमऊ और ऊंचाहार क्षेत्र की है। ऊंचाहार में कई जगह फॉल्ट आने से बिजली आपूर्ति बाधित है। देर शाम तक आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी थी। जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र में भी पूरी रात बत्ती गुल रही। दोपहर एक बजे बिजली आपूर्ति शुरू हुई। ऊंचाहार और डलमऊ के जिम्मेदार अभियंता अपने-अपने तैनाती स्थल से गायब रहे।
बिजली आपूर्ति बहाल करने की कौन कहे, अफसरों ने दफ्तरों तक जाने की जहमत नहीं उठाई। उपभोक्ता रामसुमेर, जियालाल, राकेश कुमार, रामप्रसाद, शिवदुलारे, अभिषेक ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का कोई समय नहीं है। अफसर केवल राजस्व वसूली तक सीमित है। ट्री कटिंग के नाम पर महज खानापूरी की जा रही है।
बारिश और हवा चलने से आई समस्या
बारिश और हवा चलने से बिजली सप्लाई में दिक्कत हुई। सभी अभियंताओं को बिजली आपूर्ति बहाल कराने को कहा गया है। देर रात तक सभी फाल्टों को ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
-रविंद्र कुमार, अधीक्षण अभियंता द्वितीय