रायबरेली। जिले में मंगलवार सुबह बारिश से बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई। 150 गांवों में आठ घंटे बिजली गुल रही। शहर क्षेत्र में बिजली की आवाजाही से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। यह हाल तब हैं जब मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पांच दिनों तक अनुरक्षण कार्य कराया गया। बावजूद इसके लोगों को ट्रिपिंग से जूझना पड़ रहा है।
बारिश से ऊंचाहार व जमुनापुर उपकेंद्र की बिजली ध्वस्त हो गई। कहीं पर तार टूट गए तो कहीं पर इंसुलेटर खराब हो गए। तारों पर पेड़ों की डालें गिर गईं। इससे बिजली बाधित रही। जमुनापुर उपकेंद्र से जुड़े ईश्वरदासपुर, बाहरपुर, सरांयभान, गोकना, शहजादपुर, कोटिया चित्रा, मखदूमपुर, सैदलीपुर, किसुनदासपुर, रामचंद्रपुर, रामसांडा, दौलतपुर, नजनपुर, पुरनशाहपुर, अरखा, कंदरावां, कल्यानी, हरबंधनपुर, बहेरवा, अकोढ़िया, खरौली, बहेरवा समेत 150 गांवों को बिजली आपूर्ति आठ घंटे ठप रही।
सुबह करीब सात बजे बिजली गुल हो गई। इससे लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा। दोपहर 12 बजे बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इसी तरह छतोह, सलोन, लालगंज, महराजगंज, शिवगढ़ उपकेंद्र की बिजली गुल रही। मुख्य अभियंता रविचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश के चलते बिजली बंद थी। सभी जगह बिजली बहाल करा दी गई।
केबल में स्पार्किंग से अफरातफरी
रायबरेली। शहर के जेल रोड स्थित साकेत नगर मोहल्ले में सोमवार रात एलटी केबल में शार्टसर्किट हो गया। इससे केबल धूं-धूं कर जलने लगी। चिंगारी से आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई। स्पार्किंग करीब पांच मिनट तक हुई। नागरिकों की सूचना पर बिजली बंद की गई। सूचना पर पहुंचे कर्मचारियों ने केबल को दुरुस्त कराया। इस दौरान करीब आधा घंटे बिजली गुल रही। उपखंड अधिकारी सौरभ जायसवाल ने बताया कि जली केबल को रात में ही ठीक करा दिया गया।