विद्युत उपकेंद्र कठगर से निकली लाइन के ऊपर रखे बांस। स्रोत-ग्रामीण
रायबरेली। जिले में मंगलवार को रिमझिम बारिश के बीच बिजली आपूर्ति बेपटरी रही। कहीं चार, तो कहीं सात घंटे बिजली गुल रही। शहर क्षेत्र में भी बिजली की आवाजाही लगी रही। बिजली गुल होने से धान की रोपाई का काम प्रभावित रहा।
विद्युत उपकेंद्र कठगर से निकले चौदहमील, कठगर फीडर की लाइन पर कई जगह पेड़ की डालियां झुक गईं। इससे सुबह आठ बजे से बिजली गुल हो गई। चौदहमील फीडर की बिजली दोपहर 12 बजे बहाल हो गई, लेकिन कठगर फीडर से जुड़े आंशिक गांवों की बिजली दोपहर दो बजे बहाल हुई। खागीपुर सड़वा के आगे लाइन में फॉल्ट से बिजली गुल हो गई, जो तीन बजे बहाल हो हुई। इससे खागीपुर सड़वा, सैदनपुर, बेंद चौराहा के उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ा।
इसी तरह विद्युत उपकेंद्र उतरपारा से निकले मधुपुरी फीडर में खराबी आ गई। इससे सुबह 10 बजे बिजली गुल हो गई। लाइनमैन विनोद कुमार को सुलखियापुर गांव के पास डिस्क खराब मिली। दोपहर तीन बजे बिजली बहाल हो पाई। सूची उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में खराबी आने से सुबह आठ बजे से 10 बजे तक बिजली बंद रही। ऐसे में उपभोक्ताओं को पेयजल संकट के साथ गर्मी से जूझना पड़ा। अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार ने बताया कि बारिश के कारण बिजली बंद थी। सभी जगह बहाल करा दी गई है।
जेई की मनमानी, अधीक्षण अभियंता से शिकायत
रायबरेली। विद्युत उपकेंद्र सेमरी के अवर अभियंता (जेई) की मनमानी से उपभोक्ता परेशान हैं। न तो समय से बिजली मिलती है न ही शिकायतों का निस्तारण होता है। क्षेत्रीय विधायक राहुल लोधी ने अधीक्षण अभियंता से शिकायत की है। बताया कि सुखऊखेड़ा, महावीर खेड़ा, रामनगर, खपुरा बीजेमऊ गांवों की बिजली अक्सर गायब रहती है। फॉल्ट खोजने में पूरा दिन बिता दिया जाता है। यही नहीं अवर अभियंता उपभोक्ताओं का फोन तक नहीं उठाते हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।