रायबरेली। जिले में हो रही बेतहाशा बिजली कटौती से पांच लाख उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल रही है। शहर में हर घंटे 10 बार बत्ती गुल होती है। वहीं ग्रामीण अंचलों के हालात और खराब हैं। दिन में तो बिजली मिलती नहीं, रात में कई घंटे की अघोषित कटौती हो रही है। इस वजह से लोगों की नींद खराब हो रही है। व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। सबसे ज्यादा समस्या किसानों को हो रही है।
जिले में इस समय बिजली की मांग 300 मेगावाट के आसपास है। मांग बढ़ने के साथ ही विद्युत उपकेंद्रों में लगे जर्जर उपकरण भी हांफने लगे हैं। ग्रामीण अंचलों में हर घंटे अघोषित कटौती की जा रही है। यह हाल तब है, जब मुख्यमंत्री योगी ने साफ कहा है कि रात में बिजली कटौती न की जाए।
इसके बावजूद आदेश का कोई पालन नहीं हो रहा है। शहर में कहीं केबल फुंक रहे हैं तो कहीं पर तार टूट रहे हैं। बिजली आपूर्ति की सुधार में कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं। ग्रामीण अंचलों में कटौती के अलावा लो वोल्टेज की समस्या बढ़ गई है। इस वजह से बिजली उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं।
बिजली कटौती बनी सिर दर्द, पिछल रही धान की नर्सरी
शिवगढ़। ब्लॉक क्षेत्र में बिजली की कटौती से लोगों का हाल बेहाल है। व्यापारियों का जहां कारोबार प्रभावित हो रहा है, वहीं किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। धान की नर्सरी पिछड़ रही है। इस वजह से लोगों में नाराजगी है। बबलू रायनी, बलबीर सिंह, चंद्रिका प्रसाद वर्मा ने बताया कि भीषण गर्मी में पावर कॉर्पोरेशन लोगों को भरपूर बिजली नहीं दे पा रहा है। गर्मी और उमस से लोगों को जूझना पड़ रहा है।
दिलीप अवस्थी, दीपचंद्र साहू, ललन सिंह बताया कि किसान सुबह खेत में फावड़ा व खुरपी से मेंथा की निराई करने के बाद दोपहर और रात में विश्राम चाहता है। उस समय बिजली ना रहने से परेशान होकर बेचैनी से इधर-उधर टहलकर रात काटने को मजबूर है। एसडीओ शिवगढ़ विनय यादव का कहना है कि रोस्टिंग का आदेश ऊपर से आता है। लोकल स्तर पर कोई कटौती नहीं हो रही है।