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Raebareli News: संविदाकर्मियों की कमी से गहराया बिजली संकट

Sun, 25 May 2025 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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खीरों उपकेंद्र की लाइन में फॉल्ट ठीक करता कर्मचारी।
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खीरों (रायबरेली)। संविदाकर्मियों की छंटनी के बाद से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। शुक्रवार रात करीब 12 बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जो शनिवार को दोपहर एक बजे बहाल हो सकी। खीरों में पहले 25 संविदाकर्मी कार्य कर रहे थे। इनमें 11 संविदाकर्मियों की छुट्टी की दी गई, जिससे सात फीडरों की बिजली व्यवस्था गड़बड़ा गई है। बिजली न आने से पूरी रात लोगों की नींद उड़ी रही। दोपहर में भी गर्मी से लोग परेशान रहे।
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ब्लॉक क्षेत्र की करीब एक लाख आबादी पांच दिन से बिजली संकट झेल रही है। जर्जर उपकरण और तार आपूर्ति में बाधा बन रहे हैं। लगातार पांचवें दिन भी 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने पर बिजली गुल रही। इससे उपभोक्ताओं को गर्मी और उमस से जूझना पड़ा। आए दिन बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं में गुस्सा बढ़ रहा है।


खीरों उपकेंद्र से देवगांव, सतांव, खीरों, पाहों, निहस्था, अजीतपुर, विश्व बैंक फीडर निकले हैं। इनसे करीब 20 हजार उपभोक्ताओं को बिजली मिलती है। बीते बुधवार को आंधी और हवा चलने से बिजली आपूर्ति चरमरा गई। शुक्रवार को किसी तरह बिजली आपूर्ति शुरू हो पाई। रात करीब 12 बजे 33 केवी लाइन में फॉल्ट से पूरी रात बिजली गुल रही।
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शनिवार को सुबह 10 बजे कर्मियों ने फॉल्ट खोजना शुरू किया। जब तक फॉल्ट ठीक होता, तब तक रोस्टिंग हो गई। दोपहर एक बजे बिजली आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन ट्रिपिंग से लोग बेहाल रहे। बिजली कटौती के विरोध में लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है। कई बार लोगों ने ज्ञापन सौंपा, लेकिन बिजली आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ।

ग्रामीण राजकुमार मिश्रा, मुकेश तिवारी, पवन अग्निहोत्री, शिव केश सोनी ने बताया कि 18 घंटे में महज चार से पांच घंटे बिजली मिल रही है। कटौती से पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। किसान धान के बेड़न डालने के लिए खेतों में पानी नहीं भर पा रहे हैं। उपखंड अधिकारी अनमोल डागौर ने बताया कि 33 केवी लाइन में फाॅल्ट आने से बिजली बंद थी। फॉल्ट ठीक कराने के बाद बिजली बहाल करा दी गई है।


संविदाकर्मी काम से बना रहे दूरी
संविदाकर्मियों ने हड़ताल भले ही खत्म कर दी है, लेकिन काम में लापरवाही जारी है। असल में 29 मई से संघर्ष समिति ने आंदोलन की रूपरेखा बनाई है। जिस कारण संविदाकर्मी बिजली व्यवस्था के कार्य से दूरी बना रहे हैं। इसका नतीजा यह रहा कि लोगों को बिजली के संकट का सामना करना पड़ रहा है। यह हालत केवल खीरों की नहीं बल्कि अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली व्यवस्था प्रभावित है। संविदाकर्मी समय पर काम नहीं कर रहे हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। शहर में भी फाल्ट होने पर बिजली आपूर्ति शुरू कराने में अधिकारियों को पसीना आ रहा है। संविदाकर्मी काम से दूरी बना रहे हैं।
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