रायबरेली। विद्युत वितरण खंड ऊंचाहार के अभियंताओं की मनमानी से उपभोक्ताओं को ओटीएस का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उपभोक्ताओं का बिल संसोधन कराने के नाम पर महज खानापूरी की जा रही है।
उन्हें पहले रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जबकि आदेश यह है कि जिन उपभोक्ताओं के बिल खराब है। उन्हें एक सप्ताह के अंदर संशोधित करके उपभोक्ता को अवगत कराया जाए, लेकिन बिल संशोधन न करके यहां उपभोक्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है।
पूरे दयाल मजरे कंदरावां निवासी राम अभिलाष का 29 हजार रुपये का बिजली का बिल है। उपभोक्ता ने बिल संशोधन करने के लिए शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी तरह जमुनापुर निवासी महादेव को एक साल में 29 हजार रुपये का बिजली का भेज दिया गया।
उपभोक्ता ने एक्सईएन और एसडीओ कार्यालय में बिल संशोधन के लिए शिकायती पत्र दिया। अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ऊंचाहार देहात निवासी सहदेव का 85 हजार रुपये का बिजली का बिल भेजा गया है।
उपभोक्ताओं ने बताया कि अभियंता उसे रजिस्ट्रेशन कराने का दबाव बना रहे है। खास बात यह है कि रजिस्ट्रेशन तभी होता है, जब उपभोक्ता बिल का 30 प्रतिशत जमा करता है, लेकिन बिल संशोधन होने पर उसका बिल 30 प्रतिशत से भी कम हो जाता है।
प्रबंधन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि जिल उपभोक्ताओं के बिल गड़बड़ हैं। उन्हें एक सप्ताह के अंदर संशोधित कर उपभोक्ता को अवगत कराया जाए, लेकिन यहां रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर कनेक्शन काटकर परेशान किया जा रहा है।
मामले में एसडीओ शिवम वर्मा ने बताया कि बिल संशोधन किए जा रहे हैं। उधर, अधीक्षण अभियंता विकास कपूर ने बताया कि इस तरह की शिकायतें मिली है। एक्सईएन दिलीप कुमार और एसडीओ को समस्याओं को दूर करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। यदि उपभोक्ता को कोई परेशान करता है तो वह उनके मोबाइल नंबर 9415901224 या कार्यालय में आकर शिकायत दर्ज करा सकता है।