जिला अस्पताल स्थित क्षय रोग विभाग को मिली मिनी एक्सरे मशीन।
रायबरेली। जिले में क्षय रोगियों की जांच अब बिना किसी दिक्कत के हो सकेगी। इसकी मदद से गांवों में पहुंचने वाली टीमें संदिग्ध मरीजों की मौके पर ही एक्सरे जांच कर सकेंगी। इसके लिए विभाग को अब तक तीन पोर्टेबल एक्सरे मशीन मिल चुकी है। मरीजों की जांच समय पर होने से इलाज शुरू करने में भी प्रभावी मदद मिलेगी। इस मुहिम से क्षयरोग से आसानी से निपट कर जिले को क्षय रोग मुक्त बनाया जा सकेगा।
क्षयरोग की पुष्टि एक्सरे जांच से ही हो पाती है। टीबी का लक्षण दिखने पर चिकित्सक एक्सरे कराते हैं। ऐसे में सिर्फ टीबी मरीजों की जांच के लिए 12 सीएचसी में एक्सरे मशीन लगाई गई हैं। जिला मुख्यालय पर भी क्षयरोग की पुष्टि के लिए एक्सरे जांच की सुविधा उपलब्ध है। टीमें गांवों में पहुंचकर स्क्रीनिंग करके क्षयरोग के संदिग्ध मरीजों की पहचान करके उन्हें एक्सरे जांच के लिए भेजती हैं। ऐसे में जांच में देरी होने से मरीजों का इलाज शुरू करने में काफी समय लग जाता है। इस परेशानी से निपटने के लिए अब पोर्टेबल एक्सरे मशीन की मदद से गांवों में घरों पर जाकर क्षय रोगियों को चिह्नित करने का काम आसानी से किया जा सकेगा।
जिले को जल्द ही तीन और पोर्टेबल एक्सरे मशीनें मिलने वाली हैं। गांवों में जाने वाली टीमें यह मशीन साथ लेकर जाएंगी। संदिग्ध मरीज मिलते ही उसकी मौके पर ही एक्सरे जांच कर क्षय रोग की पुष्टि के साथ उसका इलाज शुरू कराया जाएगा। इसका सीधा लाभ जिले के मरीजों को मिल सकेगा।
कोट्स
टीमें गांवों में जाकर क्षय रोगियों की स्क्रीनिंग करती हैं। पोर्टेबल एक्सरे मशीनें मिलने के बाद अब टीमें गांव स्तर पर ही संदिग्ध मरीजों की जांच कर मरीजों का इलाज बिना देरी किए शुरू कर सकेंगी। इससे क्षयरोग से निपटने में बड़ी राहत मिलेगी।
डॉ. अनुपम सिंह, जिला क्षयरोग अधिकारी