रायबरेली। शहरों के पार्कों की तर्ज पर गांवों में बनवाए जा रहे अमृत सरोवरों की संख्या सरकार ने बढ़ा दी है। अब तक सभी 988 गांवों में एक-एक अमृत सरोवर बनवाने के आदेश थे, लेकिन शनिवार को शासन ने हर गांव में दो-दो अमृत सरोवर बनाने के आदेश दिए हैं। हालांकि जिले के करीब 100 गांवों में एक-एक सरोवर बनाने का काम चल रहा है। ये सरोवर मनरेगा योजना से बनाए जा रहे हैं।
जिले के गांवों में मनरेगा से खूब तालाब बनवाए गए। तमाम गांवों में आदर्श तालाब भी बनवाए गए, लेकिन सरकार ने अब गांवों में अमृत सरोवर बनाने के आदेश दिए हैं।
तालाब बनवाने के बाद उसका सौंदर्यीकरण भी कराए जाने की व्यवस्था की गई है। औषधीय व अन्य पौधे भी सरोवरों के किनारे रोपे जाएंगे।
तालाब के चारों ओर टहलने के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था की जाएगी। अब तक शासन ने हर गांव मेें एक-एक अमृत सरोवर बनाने के आदेश दिए थे। आदेश के बाद करीब 100 गांवों में अमृत सरोवर स्थापित करने का काम चल भी रहा है।
विभाग प्रयास कर रहा कि स्वतंत्रता दिवस पर कुछ अमृत सरोवरों का शुभारंभ किया जाए। इसके लिए कई गांवों में अच्छा काम किया जा रहा है।
अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने शनिवार को पत्र जारी करके सभी गांवों में एक के स्थान पर दो-दो अमृत सरोवर स्थापित कराने के आदेश दिए हैं।
इससे एक ओर जहां गांवों में भी शहरों की तरह पार्क स्थापित होंगे, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर में भी सुधार होगा। हालांकि जिले में आदेश के अनुपालन के लिए काम शुरू कर दिया गया है।
ग्राम पंचायतों में एक-एक अमृत सरोवर बनवाने के आदेश पूर्व में दिए गए थे। शनिवार को प्रत्येक गांव में दो-दो अमृत सरोवर स्थापित कराने के आदेश शासन ने मिले हैं। अधिक से अधिक गांवों में सरोवरों की स्थापना का काम शुरू कराया जा रहा है।
जीपी कुशवाहा, उपायुक्त (मनरेगा)