रायबरेली। दीपावली पर भले ही तेज आवाज और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों पर रोक हैं, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु प्रदूषण मापक सेंटरों के कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया है। वह शहर की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इसी तरह ध्वनि प्रदूषण की जांच के लिए अलग से टीम काम करेगी। यह पूरे शहर में घूम-घूम कर डिवाइस में ध्वनि प्रदूषण के कैद करेगी।
दीपावली पर इस बार प्रशासन ने तेज आवाज और ज्यादा प्रदूषण करने वाले पटाखों पर रोक लगाई है। इसके स्थान पर ग्रीन पटाखों की अनुमति दी गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो इन पटाखों की खासियत यह है कि यह धूल को सोख सकते हैं। साथ ही इन पटाखों में होने वाला उत्सर्जन लेवल भी बेहद कम है। इसके साथ ही इनकी आवाज भी कम है। इसके बाद भी दीपावली पर कितना प्रदूषण बढ़ा, इसके लिए अफसर गंभीर है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से आवासीय क्षेत्र में इंदिरा नगर, व्यवसायिक क्षेत्र में खोवा मंडी और औद्योगिक क्षेत्र में अमावां रोड पर वायु प्रदूषण मापने के लिए परिवेशीय वायु गुणता जांच सेंटर बनाया गया है। इन सेंटरों के जरिए वायु प्रदूषण पर नजर रखी जाएगी। इसी तरह ध्वनि प्रदूषण के लिए टीम गठित की गई है, जो शहर के विभिन्न मोहल्लों में जाकर डिवाइस से ध्वनि का आकलन करेंगे।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि दीपावली पर प्रदूषण पर निगरानी रखने के लिए सेंटर के कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही साथ गठित की गई टीम ध्वनि प्रदूषण की जांच करेगी।