रायबरेली-परशदेपुर। सलोन से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री दल बहादुर कोरी का शुक्रवार भोर साढ़े चार बजे लखनऊ के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया।
कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्होंने करीब एक महीने तक बीमारी से जंग लड़ी और कोरोना को मात भी दे दिया, लेकिन कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के सात दिन बाद फिर तबीयत बिगड़ी और वह जिंदगी की जंग हार गए।
सोशल मीडिया पर खबर आते ही जिले में शोक की लहर दौड़ गई। दिवंगत विधायक का शव पैतृक गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। गांव में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया।
डीह क्षेत्र के उदयपुर मजरे पदमनपुर बिलौली निवासी पूर्व मंत्री व सलोन से विधायक दल बहादुर कोरी को पांच अप्रैल को जुकाम-बुखार की समस्या हुई थी। डॉक्टरों की सलाह से वे घर पर ही दवा लेते रहे।
हालत में सुधार न होने पर आठ अप्रैल को परिवारीजनों ने उन्हें एसजीपीजीआई ले गए। जांच कराने पर कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई थी। एसजीपीजीआई में इलाज के बाद हालत में सुधार आने लगा था।
28 अप्रैल को कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था। लखनऊ के विधायक आवास में दो दिन रहने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालात गंभीर होने पर 30 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की मदद से उन्हें लखनऊ के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बताते हैं कि कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद बाद विधायक के लीवर व किडनी में इंफेक्शन फैल गया था। सांस लेने में काफी दिक्कत होने लगी। अपोलो अस्पताल में शुक्रवार को सुबह साढ़े चार बजे विधायक ने अंतिम सांसें लीं।
विधायक के निधन की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। संगठन के साथ ही क्षेत्रीय लोग घर पहुंचने लगे। विधायक का अंतिम संस्कार गांव के पास किया गया। बड़े बेटे कैलाश कुमार ने उन्हें मुखाग्नि दी।
अंतिम संस्कार में एमएलसी दिनेश सिंह, पूर्व विधायक गजाधर सिंह, तिलोई विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह, डीह के पूर्व ब्लॉक प्रमुख उदय विक्रम सिंह, छतोह के सुखबीर सिंह, जिले व क्षेत्र के जनप्रतिनिधि प्रधान व संगठन के साथ ही तहसीलदार अजय कुमार आदि शामिल हुए।