रायबरेली। शहर की इंदिरा नगर चौकी में तैनात नशे में धुत दो सिपाहियों ने शनिवार रात जिला अस्पताल में तैनात नाक-कान व गला रोग विशेषज्ञ डॉ.शिवकुमार संग अभद्रता की।
विरोध करने पर फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी। वह साथ में रहने वाले एक युवक को परेशान करने की सूचना पर डिग्री कॉलेज चौराहे पहुंचे थे। चिकित्सक को पुलिस जीप में बैठाकर कोतवाली ले जाया गया। कोतवाल को पूरे प्रकरण में गुमराह किया गया। पुलिस अधीक्षक से मामले की शिकायत करके सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
हरचंदपुर थाना क्षेत्र के कासोखास निवासी सुनील कुमार ने एसपी को भेजे पत्र में कहा है कि वह जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक के साथ रहकर पढ़ाई करता है। रात में सिविल लाइंस से जिला अस्पताल की तरफ जा रहा था।
तभी डिग्री कॉलेज चौराहे पर चौकी में तैनात दो सिपाही अनूप कुमार व सर्वेश कुमार ने रोक लिया। पांच हजार रुपये की मांग की। पैसा न देने पर गालीगलौज की। सूचना पर डॉ.शिवकुमार पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया।
कोतवाल से घटना की सही जानकारी न देकर चिकित्सक को जीप पर बैठाकर कोतवाली ले गए। फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी। आरोप है कि सभी नशे में धुत थे। कोतवाल अतुल सिंह का कहना है कि दो पक्षों के बीच विवाद हुुआ था। बाद में मामले में समझौता कर लिया गया।
सीओ सदर महिपाल पाठक का कहना है कि यदि ड्यूटी के दौरान सिपाही नशे में थे तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच सही मिलने पर सिपाहियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। एसपी श्लोक कुमार का कहना है कि अभी कोई शिकायतीपत्र नहीं मिला है। शिकायतीपत्र मिली तो प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज को घटना पता ही नहीं
इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज निखिलेश को घटना की जानकारी ही नहीं। घटना के बारे में जब उनसे पूछा गया तो उनका कहना था कि वह सो रहे थे। उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। चौकी इंचार्ज की ढिलाई से इंदिरा नगर क्षेत्र में स्मैक का कारोबार फलफूल रहा है। इसमें सिपाहियों की भी मिलीभगत रहती है। सीओ सदर महिपाल पाठक का कहना है कि इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज की शिकायतें आए दिन मिल रही हैं। चौकी इंचार्ज के खिलाफ जल्द कार्रवाई कराई जाएगी।