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पुलिस टीम पर हमला करने वाले 115 लोगों पर एफआईआर

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इलाज कराने आए गुनावर कमंगरपुर के ग्रामीण। - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली-हरचंदपुर। हरचंदपुर थाना क्षेत्र के महुआखेड़ा मजरे गुनावर कमंगरपुर गांव में मनमाने तरीके से हो रही चकबंदी के दौरान पुलिस टीम पर हमला करने वाले 115 हमलावरों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए पुलिस टीम पर हमला करने वाले आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने पूरे प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव को सौंपी है।
घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है। लोगों में दहशत है। कई ग्रामीण तो गांव छोड़कर रिश्तेदारी चले गए। पुलिस मारपीट में शामिल आरोपियों की धरपकड़ करने का प्रयास कर रही है।
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हरचंदपुर थाना क्षेत्र के महुआ खेड़ा मजरे गुनावर कमंगरपुर गांव में शनिवार को चकबंदी के दौरान बवाल हो गया था। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर मनमाने ढंग से चकबंदी करने का आरोप लगाते हुए चकबंदी कार्य को रुकवा दिया था।
मौजूद पुलिस बल ने ग्रामीणों को खदेडने का प्रयास किया था। इस पर लाठी-डंडे से लैस होकर भारी संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला बोल दिया था। मारपीट करने के साथ पथराव भी किया था।
ग्रामीणों द्वारा लाठी डंडे से किए गए हमले में थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह महिला कांस्टेबल अंजना, मिनी द्विवेदी को चोटें आईं थीं। अन्य पुलिस कर्मियों ने भागकर जान बचाई थी।
पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि पुलिस टीम पर हमले के मामले की जांच एएसपी को दी गई है। थानेदार राकेश सिंह की तहरीर पर शनिवार की देर रात सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस टीम पर हमला करने, गालीगलौज करने समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया गया है।
इसमें 15 लोग नामजद कराए गए हैं, जबकि 100 अज्ञात लोग शामिल हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से आरोपियों को चिन्हित कराया जा रहा है। मामले में कार्रवाई होगी।
एसपी ने की पुष्टि, हरचंदपुर पुलिस छिपाती रही
पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने मामले में एफआईआर दर्ज कराने की पुष्टि कर दी, लेकिन हरचंदपुर थाने के कार्यवाहक एसओ, दीवान एफआईआर दर्ज कराने की बात को छिपाते रहे।
कई बार सीयूजी नंबर पर फोन मिलाकर पूछा गया तो कार्यवाहक एसओ जवाब देते रहे कि हमें जानकारी नहीं हैं। दीवान ने भी एफआईआर होने की बात से इंकार करते रहे। सीओ महराजगंज को भी इस बारे में फोन मिलाकर जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।
ग्रामीणों ने बयां की दांस्ता, सीएचसी में कराया मेडिकल
रविवार को सीएचसी हरचंदपुर पहुंचे ग्रामीणों ने न सिर्फ अपनी दांस्ता बयां की, बल्कि चकबंदी टीम व पुलिस की तरफ से की गई मारपीट से आई चोटें भी दिखाई।
ग्रामीण अपनी पीड़ा बताते हुए रो पड़े और बोले कि उपजाऊ जमीन चली जाएगी तो हम और हमारे बच्चे क्या खाएंगेे। एक दबंग नेता व उनके भाइयों के जुल्म से हम लोग आजिज आ चुके हैं।
यही लोग जमीन कब्जियाने की खातिर मनमाने तरीके से चकबंदी करा रहे हैं। शनिवार को लॉकडाउन था। बारिश भी हो रही थी। धान की रोपाई की तैयारी चल रही है।
बावजूद इसके चकबंदी कराई जा रही थी। हम लोग पहले ही जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिलकर अपना दर्द बयां कर चुके थे और चकबंदी रुकवाए जाने की मांग की थी।
अधिकारियों की मिलीभगत से दबंग नेता व उनके भाई उनकी उपजाऊ जमीन हथियाना चाह रहे हैं। पुलिस भी उनकी नहीं सुनती। शिकायत करो तो हम लोगों को ही पुलिस फंसाने का काम करती है।
हमें न्याय चाहिए, वरना इसकी शिकायत लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से करेंगे। घायल लल्लू, खुर्शीद, मनोज, रामदेई, रामावती, रुकमीना, शांति, राजकुमारी, सविता, विद्या, राधना देवी, सुखाना आदि ने सीएचसी में स्वयं मेडिकल कराया।
चकबंदी टीम के खिलाफ कार्रवाई की मांग, एसपी को भेजा पत्र
पीड़ित छोटेलाल, बसंतलाल, बाबूलाल, संतोष खुर्शीद अहमद ने एसपी को पत्र भेजकर चकबंदी अधिकारी बृजभान सिंह, उनके मातहत चंद्रभान सिंह, कानूनगो दिलीप कुमार मौर्य, लेखपाल अभिषेक कुमार के अलावा हरचंदपुर थानेदार राकेश सिंह व अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की।
एसपी को दिए पत्र में पीड़ितों ने बताया है कि चकबंदी अधिकारी की शह पर हम लोगों के साथ मारपीट की गई। चकबंदी अधिकारी ने ही पुलिस को मौके पर बुलाया था। उधर, एसपी का कहना है कि उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। यदि ग्रामीणों के साथ ज्यादती की गई तो उनकी बात को भी सुनकर उन्हें न्याय दिलाया जाएगा।
200 बीघा जमीन में हेराफेरी करने का आरोप
महुआखेड़ा मजरे गुनावर कमंगरपुर गांव में चकबंदी के नाम पर न सिर्फ लोगों का उत्पीडन किया जा रहा है, बल्कि जमीन में भी हेराफेरी की जा रही है। घायल ग्रामीणों का आरोप है कि दबंग नेता व उनके भाइयों ने करीब 200 बीघा जमीन की हेराफेरी की है। वह उपजाऊ जमीन हथियाने के लिए मनमाने तरीके से चकबंदी करा रहे हैं। हम लोग इसी का विरोध कर रहे हैं, लेकिन दबंगों की वजह से उनकी पीड़ा और व्यथा सुनने वाला कोई नहीं है।
एक ग्रामीण को धमकाने का ऑडियो वायरल
रविवार को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ। इसमें एक दबंग नेता एक ग्रामीण को यह कहते हुए धमका रहे हैं कि हमारा जिले के बड़े-बड़े नेता कुछ नहीं कर पाए हैं। तुम क्या कर लोगे। याद रखना, इस विरोध का नतीजा तुम्हें भुगतना पड़ेगा। ग्रामीण अपनी बात कहता, इससे पहले ही नेता ने फोन काट दिया।
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