विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। टांडा पुलिस ने साइबर गुलामी से जुड़े गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आजमगढ़ के येदिलपुर निवासी साद और टांडा के रसूलपुर मुबारकपुर निवासी खलील को सोमवार देर रात फुलवरिया हाईवे से पकड़ा गया। यह गिरोह लालच देकर युवाओं को लाओस व थाईलैंड भेजता था, जहां उन्हें गोल्डन ट्रायंगल साइबर फ्रॉड नेटवर्क के हवाले कर साइबर ठगी करवाने के लिए मजबूर किया जाता था।
अयोध्या जिले के गोसाईगंज निवासी आफताब आलम ने थाईलैंड से भागकर लौटने के बाद 15 नवंबर को पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी कि आरोपी साद और खलील ने उसे अच्छी नौकरी का झांसा देकर लाओस भेजा था। वहाँ बॉर्डर पार करने के दौरान आफताब की मुलाकात तीन अन्य युवकों से हुई, जिन्होंने बताया कि उन्हें भी नौकरी के नाम पर बुलाया गया और गोल्डन ट्रायंगल की बिल्डिंगों में कैद कर साइबर ठगी कराई जा रही थी। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट होती थी। खतरा भांपते ही आफताब वहां से भागकर सीधे एयरपोर्ट पहुंच गया, जहां एक महिला ने उसका पासपोर्ट लेने की कोशिश की। बाद में आरोपी साद ने उसे फोन कर वापस लौटने को कहा।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साद के बैंक खाते और मोबाइल की जांच कर साइबर स्लेवरी से जुड़े सबूत पाए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पूछताछ के दौरान खलील के मोबाइल से लाओस भेजने से जुड़े पासपोर्ट, वीजा, टिकट और चैट बरामद किए गए। खलील ने कबूल किया कि साद ने हर युवक को लाओस/थाईलैंड भेजने पर उसे 40–50 हजार रुपये देने का वादा किया था। साद के मोबाइल से पुलिस को कई अहम सुराग भी मिले हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है