रायबरेली। शहर के गणेशगंज की युवा उद्यमी मनीषा रावत को उस समय विश्वास ही नहीं हुआ जब उनके पास एक फोन आया कि आपको प्रधानमंत्री मोदी के साथ दिल्ली में एक डेलिगेशन में भाग लेना है। 29 मार्च को पीएमओ ऑफिस से आए इस फोन को पहले तो उन्होंने फर्जी काॅल समझ कर भुला दिया लेकिन उसके तुरंत बाद फिर बड़ौदा यूपी बैंक के जोन से फोन आया और बताया गया कि आपको छह अप्रैल को प्रधानमंत्री के आवास पर एक डेलीगेशन में भाग लेना है। तब जाकर उनको काॅल पर भरोसा हुआ और अपने पर गर्व भी।
दरअसल मनीषा ने बेकरी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर कामयाबी की राह पकड़ी है। मनीषा रावत कक्षा 12 तक शिक्षित हैं। खाना बनाने के साथ विभिन्न प्रकार के केक, पेस्ट्री बनाना उनका शौक था। अचानक यह शौक व्यापार में तब्दील हो गया। शहर में बड़ौदा यूपी बैंक जिला परिषद शाखा से उन्होंने वर्ष 2024 में 9.50 लाख रुपये का लोन लिया और पिछले साल ही मई माह में अपने घर में ही बेकरी यूनिट खोल दी।
इसमें 700 रुपये किलो से लेकर 1400 रुपये तक के हर वैरायटी के केक बनते हैं। साथ ही पेस्ट्री, डोनट्स, हैंडमेड चिप्स सहित फॉस्ट फूड के एक से बढ़कर खाद्य पदार्थ बनते हैं। मनीषा बताती हैं कि उनके व्यापार में उनकी छोटी बहन गीतांजलि भी अहम भूमिका निभाती हैं। एक साल भी पूरा नहीं हुआ है और मनीषा की बेकरी की तारीफ शहर में इस कदर हुई कि नामी-गिरामी कंपनी ने उनके साथ होम डिलिवरी के लिए करार तक कर डाला।
उनकी इस शानदार स्टार्टअप की जानकारी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हुई तो उन्होंने मनीषा को दिल्ली बुलाया। पीएम से बातचीत को मनीषा जिंदगी की सबसे यादगार क्षण बताती हैं। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि उनको कभी प्रधानमंत्री से बात करने का मौका मिलेगा, लेकिन ये सपना सच हो गया।
पीएम से बोलीं मनीषा-आपकी प्रेरणा से खड़ा किया स्टार्टअप
मनीषा रावत बताती हैं कि वे बैंक के नोडल अधिकारी के साथ सरकारी खर्चे पर वह दिल्ली गईं। प्रधानमंत्री के आवास पर जब पहुंची तो 47 और महिलाओं को भी डेलीगेशन में शामिल किया गया था। प्रधानमंत्री जब आए तो उन्होंने सभी से परिचय लिया और जब उन्होंने मुझसे बात की तो एक क्षण के लिए समझ में नहीं कि क्या बोले।
फिर उसके बाद मैंने एमएसएमई में जिस तरह प्रधानमंत्री महिलाओं को आगे बढ़ा रहे हैं, उसका धन्यवाद दिया। बताया कि उनकी बदौलत ही कि वह बेकरी यूनिट स्थापित कर सकी। इस पर प्रधानमंत्री ने मजाक भरे लहजे में कहा कि क्या आप चुनाव लड़ना चाहती हैं। इस सवाल पर मनीषा बस हंस दीं। करीब दो मिनट प्रधानमंत्री ने उनसे बात की और उनके काम की प्रशंसा भी।