रायबरेली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को ओडीएफ करने के लिए 11 हजार से अधिक घरों में प्रसाधनों बनवाए जाएंगे। इसके लिए लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त के रूप में 6.47 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। पहली किस्त खर्च करने के बाद दूसरी किस्त जारी होगी। यह जानकारी डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने दी।
बताया कि इसके अलावा प्रसाधन के लिए आए 13 हजार और आवेदनों की जांच शुरू करा दी गई है। जल्द ही पात्रों को पहली किस्त के रूप में छह-छह हजार रुपये दिए जाएंगे। जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब तक करीब पांच लाख शौचालयों का निर्माण कराया गया है। शासन की मंशा है कि खुले में नित्यक्रिया पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जा सके। इसी कारण एकल और सामूहिक प्रसाधनों का निर्माण कराया जा रहा है। सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक प्रसाधन केंद्र भी बनवाए गए हैं।
ऑनलाइन आवेदन करके करीब 11 हजार लोगों ने प्रसाधन की सुविधा देने की मांग की थी। सहायक विकास अधिकारियों से जांच कराने के लिए डीपीआरओ ने 11 हजार पात्रों के खातों में छह-छह हजार रुपये की पहली किस्त में 6.47 करोड़ से अधिक की धनराशि भेजी है। जिले में 13 हजार और लोगों ने शौचालय की मांग की है।
सभी गांव बनाए जा रहे आदर्श
कूड़ा निस्तारण, साफ-सफाई और शत प्रतिशत घरों में शौचालयों का निर्माण कराकर गांवों को आदर्श बनाने का काम चल रहा है। 400 से अधिक गांवों में रिसोर्स रिकवरी सेंटरों का निर्माण कराकर कूड़े का निस्तारण गांव स्तर पर ही कराया जा रहा है। 980 गांवों में सामुदायिक शौचालयों के नियमित प्रयोग के लिए ग्रामीणों को जागरूक भी कराया जा रहा है।