रायबरेली। गिट्टी, मौरंग और डस्ट लदे ओवरलोड वाहनों की चेकिंग करने वाली खनन विभाग की टीम की लोकेशन वाहन संचालकों को देने वाले युवक के खिलाफ बछरावां कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बुधवार रात टीम ने आरोपी का पीछा किया तो वह पश्चिम गांव के पास वाहन छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने वाहन को कब्जे में ले लिया है। खनन विभाग के अनुसार आरोपी काफी समय से अधिकारियों की लोकेशन देकर ओवरलोड वाहनों को चेकिंग से बचाने का काम कर रहा था।
बुधवार रात करीब 10 बजे रायबरेली और लखनऊ की खनन विभाग की संयुक्त टीम लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर ओवरलोड वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि लालगंज निवासी अनिल वाहन संख्या यूपी32 क्यूवी 5254 से टीम का पीछा कर रहा है। वह अधिकारियों की लोकेशन ओवरलोड वाहन संचालकों को देकर उन्हें चेकिंग से बचा रहा है।
सूचना के बाद टीम ने अनिल का पीछा किया। पश्चिम गांव के पास उसने वाहन छोड़ दिया और भाग निकला। टीम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने वाहन कब्जे में ले लिया। खनन अधिकारी सुरेश लकड़ा की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ खान एवं खनिज अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। बछरावां कोतवाली प्रभारी श्याम कुमार पाल ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
फिर सक्रिय हुए लोकेटर
जिले में ओवरलोड वाहनों को चेकिंग से बचाने वाले लोकेटरों के फिर सक्रिय होने की चर्चा है। नवंबर 2025 में ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले में यूपी एसटीएफ ने कार्रवाई की थी। लालगंज कोतवाली में अधिकारियों, कर्मचारियों, वाहन चालकों और अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ था। कई गिरफ्तारियां और निलंबन भी हुए थे। कार्रवाई के बाद कुछ समय तक गतिविधियां थमी रहीं, लेकिन अब बछरावां के साथ लालगंज, डलमऊ और सरेनी क्षेत्र में भी लोकेटरों के सक्रिय होने की जानकारी है। खनन अधिकारी ने बताया कि इन्हें चिह्नित कर कार्रवाई कराई जाएगी।