लेकिन वहां भी हर बीमारी की दवाएं नहीं मिल सकी। मां शिवकली का इलाज कराने आए रेतीखुर्द के रामपाल का कहना है कि निजी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया।
लेकिन दवा नहीं मिली तो जिला अस्पताल आना पड़ा। निराला नगर के अवधेश कुमार का कहना है कि हाथ टूटा होने के कारण काफी दर्द हो रहा था। मेडिकल स्टोर बंद थे।
भटकने के बाद जिला अस्पताल से दवा लेनी पड़ी। डीह की साधना सिंह का कहना है कि मेडिकल स्टोर बंद होने से काफी परेशानी हुई। समसपुर खतौना की तारावती ने बताया कि काफी बीमार थी।
मेडिकल स्टोर बंद होने से दवाएं नहीं मिली। जिला अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। अब राहत मिली है। कुछ दवाएं नहीं मिली, जिसके कारण परेशानी हो रही है।
सीएमएस डॉ. एसके श्रीवास्तव ने कहा कि मेडिकल स्टोरों की हड़ताल की सूचना के कारण ही रोगी कम आए। हालांकि दवा और इलाज की पूरी व्यवस्था की गई थी।