फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना से बचाव के लिए टीका लगने का इंतजार कर रहे लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
सतांव (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र में टीकाकरण अभियान हकीकत से कोसों दूर है। कोरोना से बचाव के लिए लोग टीका लगने का इंतजार कर रहे हैं। कहीं पर स्वास्थ्य टीमें नहीं पहुंच पा रही हैं तो कहीं पर लोगों में टीके को लेकर भ्रम की स्थिति है। अमर उजाला ने तीन गांवों में पहुंचकर टीकाकरण की पड़ताल की तो कुछ ऐसी ही सचाई निकलकर सामने आई...।
विज्ञापन

सतांव ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम कृष्णपुर ताला, पोरई व शेखापुर गांव में टीकाकरण अभियान बहुत मंद गति से चल रहा है। कृष्णपुर ताला में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने टीकाकरण किया है लेकिन अन्य दो गांवों में आज तक टीम नहीं पहुंच सकी है। गांव के लोग सीएचसी जतुआ टप्पा में स्वयं ही पहुंचकर टीका लगवा रहे हैं।
गांव में टीकाकरण के लिए टीम का ना पहुंचना स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही की ओर इशारा कर रही है। गांव में लोगों को जागरूक करने के लिए आज तक कोई नहीं पहुंच सका है। इससे कोरोना के टीकाकरण को लेकर फैली अफवाहों को बल मिल रहा है। लोगों के दिलो-दिमाग से टीके का डर नहीं निकल पा रहा है।
विज्ञापन

सरकार गांव के प्रधान, पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य व कोटेदारों से टीकाकरण अभियान सफल बनाने के लिए सहयोग मांग रहे हैं लेकिन जनप्रतिनिधि भी अपना पूर्ण योगदान नहीं दे रहे हैं। इससे टीकाकरण अभियान में तेजी नहीं आ रही है। वहीं गांव में एएनएम सेंटर व सचिवालय से टीकाकरण नहीं कराया जा रहा है। सिर्फ सीएचसी पर ही टीका लगाया जा रहा है।
पोरई ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान विटाना देवी कहती हैं कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से हमारे गांव में टीकाकरण का कार्यक्रम कराया गया लेकिन गांव में जागरूकता न होने के कारण लोग टीकाकरण नहीं करवा रहे हैं फिर भी प्रयास किया जा रहा है। गांव में घर-घर जाकर लोगों को टीके के फायदे बताते हैं।
लोगों को विश्वास दिलाती हूं कि टीका लगवाने से किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा। कृष्णपुर ताला ग्राम पंचायत की प्रधान अमिता बाजपेयी बताती हैं कि गांव में टीकाकरण की टीम आई। पंचायत भवन में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। टीम ने महज 50 लोगों को ही टीका लगाया। बाकी वैक्सीन उपलब्ध न होने के कारण अन्य लोगों को घर लौटना पड़ा।
फिर हम अपने स्तर से लोगों को सीएचसी जतुआ-टप्पा भेजकर टीका लगवा रहे हैं। शेखापुर ग्राम पंचायत के प्रधान विनय कुमार का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। हमारे गांव में टीकाकरण के लिए अभी तक कोई नहीं आया है। हम स्वयं लोगों को जागरूक करके टीकाकरण के लिए सीएचसी जतुआ टप्पा भेज रहे हैं।
कृष्णपुर ताला पंचायत के रहने वाले हितेश बाजपेयी समाजसेवी हैं। उनकी उम्र लगभग 40 वर्ष है। कोविड-19 के टीकाकरण के लिए घर-घर जाकर लोगों को प्रेरित कर रहे हैं तथा उसके फायदे बता रहे हैं। इसके साथ ही लोगों की भ्रांतियां भी दूर कर रहे हैं। पोरई ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान वंशराज यादव स्वयं टीका लगवा चुके हैं।
वह अपने वाहन से लोगों के घर जा जाकर गाड़ी में बैठाकर जतुआ टप्पा में टीका लगवा रहे हैं। उसके बाद उनको उनके घर पहुंचा रहे हैं। शेखापुर ग्राम पंचायत के रहने वाले अजय लोधी ने गांव में घर-घर जाकर लोगों में फैली टीकाकरण के प्रति भ्रांतियां दूर कर रहे हैं। वह लोगों को बता रहे हैं कि टीकाकरण से नपुंसकता व मौत जैसी कोई बात नहीं है।
इस तरह की भ्रांतियों को दूर कर रहे हैं तथा समझा-बुझाकर किसी तरह उनको सीएचसी जतुआ टप्पा में टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। गांव में चौपाल लगाकर लोगों को समझा-बुझाकर टीका लगवाने का प्रयास कर रहे हैं।
पोरई गांव के सहजराम यादव ने भी टीका लगवा लिया है। उन्होंने बताया कि जनता के बीच टीका लगवाने से नपुंसकता व मौत हो जाने का भ्रम बना हुआ है। सभी को टीके की दोनों डोज ले लेनी चाहिए। रमेश कुमार यादव की उम्र लगभग 35 वर्ष है।
वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। टीका लगवा लिया। बताते हैं कि टीका लगवाने से किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होती है। इस टीके से किसी की मौत भी नहीं होती है। हर व्यक्ति को टीका लगवाना चाहिए जिससे वह इस महामारी से छुटकारा पा सके। एकेश्वर लोधी का कहना है कि कोरोना का टीका लगवा लेना चाहिए। इससे अपनी जिंदगी वह दूसरों की भी जिंदगी सलामत रहती है।
किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं होती है। टीका प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। शिवम प्रजापति का मानना है कि सरकार द्वारा प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। कोरोना का टीका लगवाने से आम जनमानस को फायदा होगा। इस टीके से राहत मिलेगी। आशीष सिंह ने बताया कि मेरी उम्र 32 साल है। हमने टीका के लिए रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। सूचना मिलते ही टीका लगवा लेंगे तथा परिवार व गांव के अन्य लोगों को भी टीका लगवाने के फायदे बता रहा हूं।
समाजसेवी रमेश तिवारी ने बताया कि टीके की पहली डोज अभी लगवाई है। दूसरी रोज 84 दिन बाद लगनी है। टीका लगने के बाद कमजोरी व बुखार नहीं हुआ है। सभी को कोरोना का टीका लगवाना चाहिए। इससे किसी प्रकार की कोई परेशानी वह बुखार तथा मौत का खतरा नहीं होता हैं।
जतुआ टप्पा के सीएचसी अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि सतांव ब्लॉक क्षेत्र की जनता को कोरोना से बचाने के लिए टीके लगवाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य टीमें गांवों में जाकर लोगों को टीका लगा रही हैं। लोगों में कुछ भ्रम की स्थिति है जिसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। सभी को टीका जरूर लगवाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें