बछरावां। विशुनपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को बिजली संकट से राहत नहीं मिल पा रही है। शनिवार रात बिजली कटौती से खफा उपभोक्ताओं ने फिर हंगामा किया। अभियंताओं के खिलाफ नारेबाजी की।
इसके पहले लोगों ने 12 अगस्त की रात हंगामा किया था। बावजूद इसके बिजली व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। शनिवार रात 11 बजे लोग उपकेंद्र पहुंचकर नारेबाजी की। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग धरने पर डटे रहे। रात डेढ़ बजे बिजली बहाल होने पर लोगों शांत हुए और अपने घरों को चले गए।
बिशुनपुर उपकेंद्र से समोधा, राजामऊ, चुरूवा और जोहवाशर्की फीडर निकले हैं। इन फीडरों पर करीब 50 हजार से ज्यादा लोगों को बिजली मिलती है। रात में अघोषित कटौती होती है। वोल्टेज इतना कम रहता है कि पानी की मोटर, एसी, पंखा, कूलर और फ्रिज नहीं चल पा रहे। शनिवार को दिन में चार बजे से बिजली काट दी गई। देर शाम तक बिजली नहीं आई। इससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
आकाश कुमार, संजय कुमार, रोहित कुमार, गंगासागर की अगुवाई लोग रात 11 बजे उपकेंद्र पहुंचे। कर्मचारियों को खारी-खोटी सुनाई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण इस बात पर अड़े रहे कि जब तक बिजली नहीं चालू होगी, तब तक हम लोग घर नहीं जाएंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार जर्जर तारों को बदलवाने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एसडीओ संजय शर्मा ने बताया कि ट्रांसमिशन से रोस्टिंग की गई थी। रात में बिजली आने पर सभी फीडर चालू किए गए।
ट्रिपिंग ने बढ़ाई परेशानी
हलोर। शिवगढ़ उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग की समस्या से राहत नहीं मिल पा रही है। उपभोक्ता महेंद्र श्रीवास्तव, हरिश्चंद्र, रामसमुझ, उमेश, पीयूष, रतीपाल, राम अवध ने बताया कि बार-बार बिजली आने-जाने से बिजली उपकरणों के खराब होने का भी खतरा बना रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को होती है। बिजली ट्रिपिंग से उन्हें बार-बार नलकूप चलाना पड़ता है। उपभोक्ताओं ने ट्रिपिंग की समस्या से राहत दिलाने की मांग की है।