रायबरेली में बच्चों को परिषदीय स्कूल में तिरंगे की जानकारी देतीं शिक्षिका।
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एक अप्रैल से परिषदीय स्कूलों में नया शिक्षा सत्र शुरू हो रहा है। इसके लिए स्कूलों में माहौल बनाने का काम शुरू हो गया है। शिक्षक व शिक्षिकाएं स्कूलों को चाक चौबंद करने में जुटे हैं। साथ ही शासन ने परिषदीय विद्यालयों को देशभक्ति के रंग में रंगने का आदेश दिया गया है।
इसके लिए स्कूलों में मेरा भारत महान, शिक्षा है अनमोल रतन, पढ़ने का सब करें जतन जैसे स्लोगन लिखने को कहा गया है। हालांकि ज्यादातर स्कूलों में ये स्लोगन पहले से ही लिखे हैं। महापुरुषों के चित्र भी स्कूलों में दीवारों पर लगाए गए हैं।
जिले के स्कूलों में एक अप्रैल ने नया शिक्षासत्र शुरू होने वाला है। इस बार स्कूलों में छात्र संख्या को बढ़ाने के साथ ही स्कूलों में व्यवस्थाएं भी बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है। हरहाल में शिक्षा के स्तर को बेहतर करने का काम किया जा रहा है।
अमावां पूर्व माध्यमिक स्कूल सिधौना नए शिक्षासत्र के लिए सज-धज गया है। देश भक्ति व शिक्षा के जागरुकता के लिए स्लोगन लिखे गए हैं। महापुरुषों के फोटो भी दीवारों पर लगाए गए हैं। ब्लॉक क्षेत्र का यह आदर्श विद्यालय है। प्रधानाध्यापिका किरन श्रीवास्तव का कहना है कि यह हमारे लिए कर्मभूमि है। इसे सबसे अच्छा रखना हमारा दायित्व है।
शहर क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक स्कूल चक अहदमपुर अपने आप में सबसे अच्छा स्कूल है। यहां हर दीवार पर बच्चों को जागरूक करने के लिए बातें लिखी हैं। देश भक्ति व शिक्षा से संबंधित स्लोगनों के साथ ही सभी महापुरुषों के फोटो भी लगाए गए हैं।
शिक्षा के अधिकार समेत अन्य बातों को भी दीवारों पर लिखा गया है। प्रधानाध्यापक लक्ष्मीकांत शुक्ला का दावा है कि वे स्वयं इसे बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं। बीएसए रामसागर त्रिपाठी ने बताया कि एक अप्रैल से शुरू होने वाले शिक्षासत्र में शिक्षा की गुणवत्ता व व्यवस्था पर खास नजर रखी जाएगी। शासन की मंशा पर स्कूलों में देश भक्ति व शिक्षा के प्रति जागरूकता के लिए स्लोगन लिखवाने के निर्देश दिए गए हैं।