इसके बाद यहां पर वर्तमान समय एवं परिस्थितियों में संत गाडगे के विचारों की प्रासंगिकता विषय पर गोष्ठी हुई। इसमें लोगों ने संत गाडगे के विचारों को अपनाने पर जोर दिया।
कमलेश चौधरी ने कहा कि बाबा के आदर्शों एवं विचारों को जीवन में उतारकर ही देश को विषमता, अन्याय, अत्याचार से मुक्त कराया जा सकता है।
कल्लू चौधरी ने कहा कि संत गाडगे के बताए रास्ते पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कैलाश कनौजिया ने कहा कि संत गाडगे ने रूढ़िवाद, ऊंच-नीच के विरुद्ध संघर्ष कर सशक्त समाज की संकल्पना की थी।
रामजीत निर्मल ने कहा कि भारत अनेक आडंबरों से जकड़ा है। बाबा के बताए रास्ते पर चल कर देश को इनसे बचाया जा सकता है। इस मौके पर मेवालाल, प्रदीप, संतोष आदि मौजूद रहे।