नोटिस के बाद भी इन होटलों के संचालकों ने एफएसडीए में होटल का पंजीयन नहीं कराया। इससे राजस्व को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। मुकदमों की सुनवाई एडीएम प्रशासन करेंगे।
शासन की मंशा है कि होटल व अन्य दुकानों व संस्थानों का पंजीयन एफएसडीए में होना चाहिए। निर्माण करने वाली कंपनियों का लाइसेंस लेने की व्यवस्था है।
इसके बाद भी होटलों पर दुकानों के संचालक बिना पंजीयन व लाइसेंस के ही काम कर रहे हैं। विभाग की ओर से तीन महीने पहले ही होटलों के संचालकों को नोटिस देकर पंजीयन कराने के आदेश दिए गए थे।
लेकिन अब तक पंजीयन नहीं कराया। नोटिस के बाद भी पंजीयन न कराने पर पंचवटी रेस्टोरेंट नवाबगंज-जगतपुर, सौम्या स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट कुचरिया पेट्रोल पंप और मामा चौराहे के पास स्थित यादव ढाबा के संचालकों पर एडीएम प्रशासन एससी चौधरी के कोर्ट में मुकदमा किया गया है।
एफएसडीए के अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि नोटिस देने के बाद भी पंजीयन नहीं कराया। इसीलिए मुकदमा करके अधिक से अधिक जुर्माना कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बिना पंजीयन संचालित होटलों व प्रतिष्ठानों का चिन्हीकरण किया जा रहा है। जल्द ही उनके खिलाफ भी मुकदमा किया जाएगा।