रायबरेली। चक्रवात अर्नब का असर जिले में दिखाई देने लगा है। दो दिन से रिमझिम बारिश और तेज हवा का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को भोर पहर से शाम तक बारिश होती रही। इस दौरान 20 एमएम बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश और 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पककर तैयार धान की फसल बिछ गई है। वहीं, कटाई के बाद खेतों में रखी फसल भी भीग गई है। महराजगंज क्षेत्र में करीब 50 फीसदी धान की फसल प्रभावित होने का अनुमान है।
विकासखंड महराजगंज के पुरासी, जमुरावां, कोटवा मोहम्मदाबाद, भटसरा, मझिगवां समेत कई गांवों में बारिश और तेज हवा से धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसल जमीन पर गिर गई है। वहीं, कटाई के बाद खेतों में रखी फसल के भीगने से दाने खराब होने की आशंका है। किसान जगत नारायन मिश्रा, अरुण कुमार सिंह, शत्रोहन सोनी, संत कुमार चौधरी, मनोज मिश्रा, श्याम बहादुर सिंह, अंजनी दीक्षित, महेश अवस्थी, रामशरन लोधी, बाबूलाल और राम प्रकाश ने बताया कि पूरे साल मेहनत कर धान की फसल तैयार की थी। कटाई के समय अचानक हुई बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। डीह, परशदेपुर, सतांव, डलमऊ और सलोन क्षेत्र में भी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
खेतों से पानी निकालें, कटी फसल फैलाकर सुखाएं
जिला कृषि अधिकारी आशुतोष पांडेय ने किसानों को सलाह दी कि जिन खेतों में पानी भर गया है, वहां नाली बनाकर जलनिकासी करें। जलभराव से फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। कटी हुई फसल के गट्ठरों को खोलकर अलग-अलग फैला दें, ताकि नमी निकल सके। अधिक नमी रहने से धान के दाने काले पड़ सकते हैं, उनमें अंकुरण हो सकता है और फफूंद लगने का खतरा रहता है। धूप निकलने पर फसल को अच्छी तरह सुखाएं। उन्होंने बताया कि फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसान नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर दें, ताकि सर्वे कराकर मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
बारिश से पांच दिन में 10 डिग्री गिरा तापमान
बारिश और तेज हवा से तापमान में लगातार गिरावट आई है। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी, फुरसतगंज के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22.3 और न्यूनतम 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तारीख
अधिकतम तापमान
न्यूनतम तापमान
26 अक्तूबर 32.1° 24.2°
27 अक्तूबर 32.0° 23.3°
28 अक्तूबर 28.3° 22.4°
29 अक्तूबर 24.2° 20.2°
30 अक्तूबर 22.3° 19.7°
शनिवार को भी बारिश और तेज हवा चलने की आशंका है। जिले में चक्रवात का असर अभी बना हुआ है।
-दीतेंद्र सिंह,
मौसम विशेषज्ञ
हलोर क्षेत्र में बारिश में भीगी खेत में कटी पड़ी धान की फसल।
हलोर क्षेत्र में बारिश में भीगी खेत में कटी पड़ी धान की फसल।
हलोर क्षेत्र में बारिश में भीगी खेत में कटी पड़ी धान की फसल।