रायबरेली। अभियंता एक ओर ओटीएस के प्रति लोगों को गांव-गांव जाकर जागरूक कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सर्वर में खराबी की वजह से योजना की वाट लग रही है। पिछले कई दिनों से सर्वर आने और जाने की वजह से रजिस्टे्रशन कराने में उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हालत यह है कि पांच लाख उपभोक्ताओं में अभी आधे भी उपभोक्ता रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं। रविवार को अवकाश के दिन भी अभियंताओं की टीम जहां गांवों की खास छानी, वहीं कर्मचारियों ने कैंप लगाया। इस दौरान दिनभर सर्वर आने-जाने का सिलसिला लगा रहा है। इससे कुछ लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया तो कुछ को वापस लौटना पड़ा।
प्रदेश सरकार की ओर से बिजली उपभोक्ताओं के लिए वन टाइम स्कीम (ओटीएस) योजना शुरू की गई है। यह 15 मार्च तक चलेगी। ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ता रजिस्ट्रेशन कराकर लाभ उठाए इसके लिए अभियंता व कर्मचारी गांवों की खाक छान रहे हैं, लेकिन सर्वर की समस्या के चलते उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है।
उपभोक्ता रजिस्ट्रेशन कराने आते हैं। एक रजिस्ट्रेशन में आधे से एक घंटे लग जाता है। इस वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही हाल रहा तो उपभोक्ता योजना का लाभ उठाने से वंचित रह जाएंगे।
समस्या दूर हो या बढ़ाई जाए समय सीमा
उपभोक्ताओं का कहना है कि ओटीएस योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। सर्वर नहीं होने से एक रजिस्ट्रेशन कराने में काफी समय लग जाता है। यही हाल रहा तो ज्यादातर उपभोक्ताओं को योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
गदागंज के उपभोक्ता रामदेव मिश्र, डलमऊ के बचोले जायसवाल ने बताया कि अव्यवस्थाओं के चलते उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो दिन से ओटीएस के लिए चक्कर लगा रहे हैं। जगतपुर क्षेत्र के फिरोज अहमद, रामहित ने बताया कि सर्वर की समस्या दूर की जाए या फिर योजना की समय सीमा बढ़ाई जाए।
चार दिन से बिलिंग का काम ठप
सर्वर नहीं आने से जिले में चार दिन से उपभोक्ताओं के बिजली के बिल नहीं बने हैं। यही नहीं जब सर्वर रहता भी है तो रीडर घर बैठे बिना बना देते हैं। उपभोक्ताओं के घर तक बिल ही नहीं पहुंचता है। सबसे ज्यादा मनमानी विद्युत वितरण खंड, सलोन डिवीजन के अंतर्गत होती है। इसका खुलासा उस समय हुआ जब गांवों में कैंप लगाए गए।
रविवार को सूची, संडहा, मझिलहा, छतोह गांव में कैंप लगाए गए तो पता चला कि उपभोक्ताओं को छह महीने से बिजली का बिल ही नहीं मिले। कैंप में अभियंताओं ने पहले बिजली का बिल बनाया। उसके बाद घंटों बाद रजिस्ट्रेशन करवा। इस मनमानी के संबंध में बिलिंग एजेंसी के जोनल हेड राजीव रंजन ने बताया कि चार दिन से सर्वर की समस्या है। अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इस वजह से बिल नहीं बन पा रहे हैं। सभी सुपरवाइजरों और रीडरों को घर-घर बिजली का बिल पहुंचाने के दिशा निर्देश दिए गए है।
एक ही साइट पर पूरे मध्यांचल से जुड़े जिले में काम चल रहा है। रजिस्ट्रेशन करने में सर्वर आने-जाने की वजह से दिक्कत होती है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। फिलहाल अभी कार्य चल रहा है। लोगों को समय रहते लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
-विकास कपूर, अधीक्षण अभियंता, पावर कॉर्पोरेशन