डीजीपी कार्यालय से तीन साल से एक ही जगह पर जमे इंस्पेक्टरों और दरोगाओं को हटाने के आये आदेश से सभी में हड़कंप मच गया है। एसपी के निर्देश पर इंसेक्टर और दरोगाओं की फाइलें खुलना शुरू हो गई हैं। कौन कितने समय से यहां पर तैनात, उसका रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
नए आदेश से कई थानेदारों की कुर्सी छिनना तय है। साथ ही उन्हें गैर जनपद जाना पडे़गा। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए चुनाव आयोग ने तीन साल से एक ही जगह पर जमे इंस्पेक्टर और दरोगाओं को हटाने के निर्देश दिए हैं। डीजीपी कार्यालय से इसका आदेश यहां शनिवार को पहुंच गया।
इस पर एसपी विनय यादव ने कौन इंस्पेक्टर और दरोगा कितने समय से यहां पर तैनात, इसका पूरा डाटा निकलवाने के आदेश दिए हैं। पूरा डाटा निकलने के बाद इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
नए आदेश के तहत डलमऊ, सदर व सलोन के कोतवाल बदल सकते हैं। एसपी विनय यादव का कहना है कि आदेश आ गया है। इंस्पेक्टर का स्थानांतरण उच्चाधिकारियों की ओर से किया जाएगा, जबकि दरोगाओं का स्थानांतरण एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे विधानसभा क्षेत्र उनके द्वारा किया जाएगा। यहां पर तैनात इंस्पेक्टर और दरोगाओं का रिकॉर्ड निकलवाया जा रहा है। इस पर पता चल सकेगा कि नए आदेश से कितने लोग प्रभावित होंगे।