रायबरेली में शुक्रवार को विकास भवन में अपनी मांगों को लेकर धरना देकर प्रदर्शन करती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।
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प्रदेश सरकार से खफा अंागनबाड़ी कार्यकर्त्रियां शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गईं। जिले के 2833 केंद्रों पर ताला बंद रहा। केंद्रों के बंद होने से हौसला पोषण योजना ठप हो गई है। गर्भवती और बच्चे केंद्र पर पहुंचे तो, लेकिन उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
कार्यकर्त्रियों ने विकास भवन परिसर में धरना देकर सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली। कहा कि जब तक कार्यकर्त्रियों को उनका हक नहीं मिलता, केंद्रों के ताले नहीं खुलेंगे। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष लीना पांडेय, महामंत्री सीता सिंह, संरक्षक राकेश कुमार शुक्ल और निशा पांडेय ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती, कोई कार्यकर्त्री काम नहीं करेगी।
आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रेखा मिश्रा ने कहा कि सात महीने से मानदेय नहीं मिला, लेकिन अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस मौके पर किरन जायसवाल, कुसुम सिंह, सरोज यादव, अनीता, माया त्रिपाठी, सुधा सिंह, विमलेश, सुनीता मौजूद रहीं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनाोज कुमार ने बताया आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां हड़ताल पर चली गई हैं। अब तक उनके सांकेतिक हड़ताल पर जाने की सूचना है। हड़ताल की वजह से हौसला पोषण योजना के तहत बच्चों और गर्भवती महिलाओं भोजन नहीं दिया जा सका है। कार्यकर्त्रियां के बिना योजना का संचालन मुश्किल है।
सीडीअाे अनूप कुमार ने बताया आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां के हड़ताल पर जाने और हौसला पोषण योजना के तहत बच्चों व गर्भवती महिलाओं को भोजन न मिलने । की जानकारी नहीं है। इसका पता लगाया जाएगा।