केंद्र सरकार के 500 और 1000 रुपये के नोट बंद किए जाने के बाद गुरुवार को बैंकों के ताले खुल गए। रुपये बदलने और जमा करने के लिए ग्राहकों के बीच होड़ सी लग गई। हालात ये रहे कि बैंकें खुलने से पहले ही ग्राहकों की लाइनें लगी नजर आई।
क्या पुरुष, महिला और बुजुर्ग। हर कोई लाइन में लगा दिखा। कार्यवाहक एलडीएम सौरभ कुमार का कहना है कि पहले दिन करीब 350 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। शहर और देहात क्षेत्रों की सभी बैंक शाखाओं में लेनदेन को मारामारी दिखी, लेकिन इसको लेकर पुख्ता तैयारियां नहीं की गई थी।
काउंटरों की तादाद नहीं बढ़ाई गई। ऐसे में घंटों ग्राहकों को लाइन में लगना पड़ा। यही नहीं सिक्योरिटी गार्डों को ग्राहकों को संभालने में पसीना छूट आया। पुलिस कहीं तैनात नहीं दिखी। पुलिस जाती और चेकिंग करके वापस लौट आती। हालांकि डाकघरों में भी लेनदेन को लेकर माथापच्ची करते दिखे।
कार्यवाहक एलडीएम सौरभ कुमार का कहना है कि पुराने नोट बंद होने के बाद नए नोटों का लेनदेन शुरू कर दिया गया है। गुरुवार को राष्ट्रीय कृत बैंकों की 332 शाखाओं में कामकाज सामान्य रूप से हुआ। कहीं कोई दिक्कत नहीं आई।
उन्होंने बताया कि ग्राहक परेशान न हो। पुराने नोट की जमा करने की अवधि 30 दिसंबर है। सभी के पुराने नोट जमा हो जाएंगे एवं आवश्यकतानुसार नए नोट दिए जाएंगे। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले दिन करीब 350 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ।
शुक्रवार से एटीएम का संचालन भी शुरू हो जाएगा। इससे ग्राहकों की समस्या का निदान होगा और बैंक शाखाओं में भीड़ कम हो जाएगी। सुपर मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक में सुबह से ही ग्राहकों की लंबी लाइनें लगी दिखी। एक-एक कर लोग नोट बदलवाते और जमा करते रहे।
ग्राहकों की अधिक तादाद होने के कारण काउंटरों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। पहले लेनदेन को लेकर ग्राहकों में धक्कामुक्की होती देखी गई। अलग से काउंटर न खुलने से ग्राहक परेशान नजर आए। लाइन में लगे मो. साहिल, अरविंद कुमार का कहना था कि एक घंटे लाइन मेें खडे़ रहने के बाद चार हजार रुपये के नोट बदल पाए।
कैनाल रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक के अंदर सन्नाटा पसरा रहा, जबकि बाहर ग्राहकों की लाइनें लगी रही। चौहान मार्केट स्थित पीएनबी बैंक में भी सुबह से ही लेनदेन को लेकर अफरातफरी का माहौल रहा। ग्राहकों की लंबी-लंबी लाइनें लगी दिखी। आपस में लोग धक्कामुक्की करते रहे।
सिक्योरिटी गार्ड समझाते, लेकिन हर कोई पहले नोट बदलवाने और रुपया जमा करने के लिए उतावला दिखा। लाइन में लगे संतोष कुमार, बृजेश त्रिवेदी, अनुज यादव का कहना था कि बैंक खुली नहीं थी कि लाइन लग गई थी। लाइन में लगे रहे और दो घंटे बाद चार हजार रुपये बदले में मिल सके। अलग से काउंटर की व्यवस्था नहीं की गई।
हाथी पार्क स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में भी लेनदेन के लिए ग्राहकों की लंबी तादाद दिखी। बैंक के बाहर और अंदर ग्राहक ही दिख रहे थे। रुपये बदलने और जमा करने के लिए अलग से काउंटर नहीं बनवाए गए। लेनदेन करने में अधिकारी और कर्मचारी भी हलाकान नजर आए।
घंटों लाइन में लगने के बाद ग्राहकों का नंबर आता। आईडी प्रूफ देने के बाद ही रुपये बदले जा सके। लाइन में लगे मो. शरीफ, अतुल का कहना था कि दो घंटे की मशक्कत के बाद चार-चार हजार रुपये बदले के रूप में मिले।
सुपर मार्केट स्थित इंडियन बैंक से कुछ ग्राहक रुपया बदलकर निकले। उनके चेहरे पर खुशी थी। खुशी इसलिए थी कि उनके पास दो हजार रुपये का गुलाबी रंग का नया नोट था। अमोल अवस्थी, रीतेश सोनी आदि का कहना था कि रुपये बदलने में थोड़ी दिक्कत जरूर आई, लेकिन नया नोट मिलने पर प्रसन्नता मिली।
इसी तरह शत्रुघ्न सिंह, सुशील कुमार भी नया दो हजार रुपये का नोट मिलने पर खुश दिखे। ग्राहक रामचंद्र, दिनेश को लाइन में लगकर रुपया जमा करना पड़े। कहते हैं कि केंद्र सरकार कदम ठीक है, लेकिन पहले तैयारियां कर लेनी चाहिए थी, ताकि लोगोें को दिक्कत न होती।
दो घंटे लाइन में लगने के बाद बैंक में रुपया जमा कर पाया। इसी तरह दीपू, शिव कुमार, दिव्या कौशल का कहना था कि सुबह से ही रुपया बदलने बैंक आई थी। बैंक में चार हजार रुपये तो बदल दिए, लेकिन दो घंटे का समय बर्बाद हुआ। ग्राहकों की तादाद अधिक होने के बाद काउंटरों की संख्या में इजाफा किया जाना चाहिए था। पर ऐसा नहीं हुआ।
अमेठी जिले के तिलोई कस्बा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के कर्मचारियों ने 500 और 1000 रुपया जमा करने से इंकार कर दिया। इससे काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा। राजस्व वसूली का रुपया जमा करने गए संग्रह अमीन को भी वापस कर दिया।
तहसीलदार ने इसकी शिकायत कोषाधिकारी से की। कोषाधिकारी के निर्देश के पर दोपहर बाद शाखा प्रबंधक ने रुपया जमा कराया। बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा तिलोई में गुरुवार को खुलने के बाद रुपया जमा करने के लिए खाताधारकों की भारी भीड़ उमड़ी।
लेकिन बैंक कर्मियों ने यह कहते हुए 500 और 1000 रुपया का नोट लेने से मना कर दिया कि रुपया बदलने का अभी तक कोई आदेश नहीं आया। इतना ही नहीं तहसील के संग्रह अमीन रणविजय सिंह, रामसागर, विनोद कुमार, भानु प्रताप सिंह, सगीर, रघुवीर, शिवलखन भी राजस्व का रुपया जमा करने गए तो बैंक कर्मियों ने 500 और 1000 रुपये का नोट लेने से मना कर दिया।
संग्रह अमीनों ने इसकी शिकायत तहसीलदार रामपाल तिवारी से की। तहसीलदार ने इसकी शिकायत कोषाधिकारी अमेठी अजय त्रिपाठी से की। कोषाधिकारी के निर्देश पर बैंक कर्मियों ने 500 और 1000 रुपये का नोट लिया। इस दौरान काफी दौरान गहमी गहमी का माहौल रहा।