रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में समग्र शिक्षा के तहत अलग-अलग पटलों का कामकाज संभालने के लिए जिला समन्वयक के सात पद हैं, जिनमें से छह पद रिक्त हैं। सिर्फ एक पद पर जिला समन्वयक की तैनाती है। रिक्त पदों का कामकाज निपटाने के लिए दूसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिक्त पदों को भरने के लिए काफी समय से प्रयास चल रहा है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल रहा है।
समग्र शिक्षा के तहत निर्माण, प्रशिक्षण, सामुदायिक, बालिका शिक्षा और एमआईएस के जिला समन्वयकों के पद पहले से तय हैं, जिनमें से वर्तमान में महज एमआईएस के जिला समन्वयक का पद भरा हुआ है। एक नया पद भी बना है, जो जिला समन्वयक (निपुण) है। यह अभी भरा ही नहीं गया है।
बालिका शिक्षा और समेकित शिक्षा के जिला समन्वयकों के पद करीब पांच साल से खाली चल रहे हैं। मध्याह्न भोजन के जिला समन्वयक को बालिका शिक्षा की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली है। वहीं, एमआईएस के जिला समन्वयक के पास सामुदायिक का अतिरिक्त प्रभार है।
बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारियों पर काम का बोझ ज्यादा है। छह खंड शिक्षा अधिकारियों को मूल तैनाती के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। बछरावां के बीईओ सुरेंद्र कुमार को नगर क्षेत्र, शिवगढ़ की बीईओ ऋचा सिंह को अमावां, राही के बीईओ बृजलाल को डीह, हरचंदपुर के बीईओ अश्विनी कुमार गुप्ता को खीरों और लालगंज के बीईओ सत्य प्रकाश सिंह को दीनशाह गौरा का अतिरिक्त प्रभार मिला है। राही के बीईओ के पास जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) व सतांव की बीईओ के पास जिला समन्वयक (निर्माण) का अतिरिक्त प्रभार है।
जिला समन्वयकों के रिक्त पदों को भरने के लिए प्रक्रिया चल रही है। फर्म चयन के बाद सभी रिक्त पदों पर जिला समन्वयकों की नियुक्ति कर उन पर तैनाती कर दी जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारियों की पदोन्नति के बाद उन्हें दूसरे जिलों में तैनाती दिए जाने के कारण बीईओ के पद भी रिक्त हुए हैं। राहुल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।