रायबरेली। ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली का जिन्न बाहर आए हुए 15 दिन से ज्यादा बीत गए हैं। इस अवधि में पुलिस की जांच और आरोपियों की धरपकड़ में सुस्ती दिख रही है। यही वजह है कि लालगंज और डीह थाने में दर्ज कराए गए मामले में अभी तक सिर्फ पांच आरोपी ही जेल भेजे गए हैं। रायबरेली-फतेहपुर के एआरटीओ प्रवर्तन व पीटीओ समेत अन्य आरोपी फरार हैं।
बीते दिनों लालगंज कोतवाली में एआरटीओ प्रवर्तन फतेहपुर पुष्पांजली, उनके चालक सिकंदर, यात्रीकर अधिकारी (पीटीओ) फतेहपुर अखिलेश तिवारी, उनके चालक अशोक तिवारी, एआरटीओ प्रवर्तन रायबरेली अंबुज, उनका दीवान नौशाद, पीटीओ रायबरेली रेहाना, उनका चालक सुशील समेत अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम आदि की धारा में केस दर्ज कराया गया था।
मामले में दलाल मोहित सिंह और ट्रक चालक सुनील यादव को जेल भेजा गया है। डीह थाने में रायबरेली के एआरटीओ, पीटीओ के दो चालकों समेत 23 के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है। मामले में पुलिस ने महेंद्र प्रताप सिंह, जितेंद्र सरोज और होमगार्ड विश्वनाथ प्रताप सिंह जेल भेजे गए हैं।
दोनों मामलों में अब तक किसी अधिकारी व कर्मचारी की पुलिस गिरफ्तारी न होना सवाल खड़े कर रही है। कहा जा रहा है कि अवैध वसूली के मामले में क्या छुटभैये पर कार्रवाई करके मामले की इतिश्री कर ली है। अवैध वसूली का खेल परिवहन विभाग के अफसरों-कर्मचारियों के शह पर रायबरेली, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, रायबरेली, सुल्तानपुुर, अमेठी, प्रतापगढ़ में चल रहा था।
दोनों मामले की विवेचना सीओ लालगंज और सीओ सलोन कर रहे हैं। सीओ लालगंज अमित सिंह का कहना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के बारे में साक्ष्य संकलन लगभग पूरे होने वाले हैं। संकलन के बाद इनकी भी गिरफ्तारी होगी।
हाईकोर्ट से स्टे लेने की चर्चा, सीओ ने किया इन्कार
रायबरेली-फतेहपुर के एआरटीओ प्रवर्तन व पीटीओ समेत कई कर्मचारियों के हाईकोर्ट से स्टे मिलने की चर्चा दो दिन से जिले में है। कई लोगों का कहना है कि पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए परिवहन विभाग के कुछ बिचौलिये स्टे लेने की चर्चा कर रहे हैं। उधर, सीओ लालगंज अमित सिंह का कहना है कि कुछ अधिकारी व कर्मचारी स्टे लेने के लिए कोर्ट गए हैं। अभी तक उन्हें कोर्ट से किसी तरह की राहत नहीं मिली है। कोर्ट से उन्हें स्टे जैसा कोई पत्र भी नहीं मिला है।