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Raebareli News: उल्टी की टैबलेट में मात्र 28 प्रतिशत मिली दवा, नमूना फेल

Sat, 21 Jun 2025 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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रायबरेली। देहरादून में बनी उल्टी के लिए टैबलेट में दवा मात्र 28 प्रतिशत मिली। विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में यह तथ्य सामने आया है। जांच में साॅल्ट कम होने के साथ ही दवा में हार्डनेस अधिक मिला। दवा को अधोमानक के साथ ही मिस्ब्रांड घोषित किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने शुक्रवार को दवा के निर्माता और विक्रेता को नोटिस देकर जवाब मांगा है। संबंधित बैच की दवा को कंपनी को वापस करने के आदेश दिए गए हैं।
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ड्रग इंस्पेक्टर शीवेंद्र प्रताप सिंह ने हरचंदपुर स्थित शुभम मेडिकल स्टोर से बैच नंबर केटी-01424 की केवी-आंडे-4 टैबलेट का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। प्रयोगशाला की जांच में दवा में साॅल्ट मात्र 28 प्रतिशत मिला। घुलनशीलता भी मानक से काफी कम मिली। इसी कारण दवा को अधोमानक के साथ मिस्ब्रांड घोषित कर दिया गया। रिपोर्ट आने के बाद शुक्रवार को ड्रग इंस्पेक्टर ने दवा के निर्माता केवाती हेल्थकेयर देहरादून और शुभम मेडिकल स्टोर के संचालक को नोटिस देकर जवाब मांगा है। संबंधित बैच की दवा को कंपनी को वापस करने के आदेश दिए हैं।

एंटीबायोटिक दवा भी जांच में नहीं हुई पास
शहर के घसियारी मंडी स्थित देव फार्मा से नमूने के तौर पर ली गई एंटीबायोटिक टैबलेट सिफासिन-250 डीटी भी जांच में पास नहीं हो सकी। दवा में हार्डनेस अधिक होने के कारण पेट में घुलनशील नहीं मिली। जांच रिपोर्ट आने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने सीएफटी 7334 ए बैच की संबंधित दवा की बिक्री को रोक दिया है। निर्माता जी-9 बायो फॉर्मास्युटिकल्स करनाल और विक्रेता देव फॉर्मा को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
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एसीजेएम कोर्ट में मुदकमा करेंगे
दो दवाओं के सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच में दोनों दवाएं फेल हो गईं। संबंधित बैच नंबर की दवाओं की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया गया है। निर्माताओं और विक्रेताओं को नोटिस दिया गया है। जल्द ही एसीएजेएम कोर्ट में मुकदमा किया जाएगा।
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