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हिंसा पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने को बनेगा वन स्टाप सेंटर

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रायबरेली। नगर पालिका परिसर स्थित हाल में सोमवार को करीब छह माह बाद हुई पालिका बोर्ड की बैठक में शहर के विकास का खाका खींचा गया। इसमें हिंसा पीड़ित महिलाओं को न्याय व सुविधाएं दिलाए जाने के लिए शहर क्षेत्र के महानंदपुर में वन स्टॉप सेंटर बनाने के लिए सर्व सम्मति से 630 वर्ग मीटर जमीन दिए जाने को हरी झंडी दे दी गई।
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वन स्टॉप सेंटर एक ऐसी व्यवस्था है, जहां हिंसा पीड़ित कोई भी महिला सभी तरह की सुविधाएं एक ही छत के नीचे प्राप्त कर सकती है। इस सेंटर में अस्पताल, पुलिस चौकी और पीड़िता के रहने की व्यवस्था होगी। पालिकाध्यक्ष पूूर्णिमा श्रीवास्तव और ईओ बालमुकुंद मिश्रा की मौजूदगी में हुई बैठक में सभी सभासदों ने अपने मोहल्ले में कराए जाने वाले कार्यों का प्रस्ताव रखा।
किसी ने नाली-खड़ंजा तो किसी ने सड़क बनवाए जाने का प्रस्ताव रखा। सभी सभासदों ने पालिकाध्यक्ष के सामने करीब चार करोड़ रुपये के कार्यों के प्रस्ताव रखे। पालिकाध्यक्ष ने सभी सभासदों की ओर से दिए गए प्रस्ताव कार्यों पर सहमति जताई और उन्हें जल्द पूरा कराने का भरोसा दिया। इंदिरा नगर मोहल्ले की सभासद पूनम तिवारी ने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का कार्यालय प्रथम तल से ग्राउंड तल पर ले जाने का प्रस्ताव रखा।
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कहा कि, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए बुजुर्गों, महिलाओं व दिव्यांगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए इससे संबंधित कार्यालय ग्राउंड तल पर लाया जाए। दिव्यांगों के आने-जाने के लिए रैंप बनवाया जाए। सभासद वैैभव ने विहार पार्क के चारों तरफ सड़क और नाली निर्माण कराने की बात कही। पालिकाध्यक्ष पूूर्णिमा ने कहा कि शहर के विकास कार्य प्राथमिकता के साथ कराए जाएंगे।
खासकर मलिन बस्तियों पर विकास कार्य कराने पर अधिक फोकस किया जा रहा है। ईओ बालमुकुंद ने बताया कि कोरोना काल के चलते करीब छह माह बाद हुई बोर्ड की बैठक शांतिपूर्ण ढंग से निपटी। इसमें महिलाओं को न्याय व सुविधाएं दिलाए जाने के लिए वन स्टॉप सेंटर निर्माण के लिए 630 वर्ग मीटर जमीन के लिए हरी झंडी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि टैक्सी स्टैंड की नीलामी प्रक्रिया का भी रास्ता साफ हो गया।
बोर्ड की बैठक में इसे हरी झंडी दी गई। कहा कि, सभासदों ने जो भी कार्यों के प्रस्ताव दिए हैं, उन कार्यों को प्राथमिकता के तौर पर कराया जाएगा। बैठक में धर्मेंद्र द्विवेदी, महादेव प्रसाद त्रिवेदी व श्रेष्ठ समेत 35 सभासद मौजूद रहे। चार सभासदों ने हिस्सा नहीं लिया। बोर्ड बैठक की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि किसी तरह का विवाद न होने पाए। बोर्ड की बैठक के दौरान प्रधान लिपिक आशुतोष सिंह भी मौजूद रहे।
नगर पालिका परिषद की यह पहली बोर्ड की बैठक थी, जिसमें पालिकाध्यक्ष पूर्णिमा श्रीवास्तव ने न सिर्फ सभी सभासदों को बोलने का मौका दिया, बल्कि उनके मोहल्ले की समस्या जानी और प्रस्ताव बनाकर उसे दूर कराने का भरोसा दिया। कई बार हंगामे की स्थिति बनी, लेकिन पालिकाध्यक्ष ने यह कहते हुए सभासदों को शांत कराया कि यहां पर सभी अपनी बात बेहिचक रखें।
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