रायबरेली। गोरखपुर और प्रयागराज के बीच चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस पर एक हफ्ते पहले हुए पथराव के मामले में भले ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक आरोपी को पकड़ कर अपनी पीठ थपथपा ली है, लेकिन दूसरा आरोपी फरार है।
इसके पहले हुई दो घटनाओं में अब तक कोई कामयाबी नहीं मिल सकी है। यह आरपीएफ की सुस्ती का नतीजा है। सिविल पुलिस की मदद लेने के बाद पथराव करने वाले ज्यादातर आरोपी पकड़ से दूर हैं। एक हफ्ते पहले लक्ष्मणपुर एवं रामचंद्रपुर स्टेशनों के बीच प्रयागराज से गोरखपुर जाने वाली वंदेभारत पर पथराव हुआ था, जिसमें तीन कोच के शीशे टूट गए थे।
घटनास्थल पर तीन लड़कों को देखा गया था। घटना के खुलासे और आरोपियों की धरपकड़ के लिए आरपीएफ ने सिविल पुलिस की मदद ली। लगातार छानबीन की गई, लेकिन तीनों लड़के पकड़ में नहीं आ सके। आरपीएफ ऊंचाहार के प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि हफ्तेभर पहले हुई पथराव की घटना में शामिल दो आरोपियों की शिनाख्त हो सकी है।
मंगलवार को एक आरोपी पकड़ा गया, जो पूरे बग्घा मजरे रामचंद्रपुर निवासी सचिन सिंह है। उसका साथी दीपक उर्फ हिमांशु फरार है, जो उसी गांव का रहने वाला है। फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।