रायबरेली। लोगों की समस्याओं के समाधान के प्रति अधिकारी गंभीर नहीं हैं। अन्य दिनों में क्या स्थिति रहती होगी, जब समाधान दिवस से ही अफसर नदारद रहते हैं। ऐसा ही जगतपुर थाने में आयोजित समाधान दिवस में देखने को मिला। यहां न समाधान दिवस प्रभारी पहुंचे और न ही पुलिस विभाग के अधिकारी। कुछ पुलिसकर्मी व लेखपाल इधर-उधर टहलते दिखे।
जगतपुर के हरिओम, कल्याणपुर सुरजई के राधेश्याम व लक्ष्मपुर के शिव प्रसाद ने बताया कि उनकी भूमि पर गांव के लोग जबरन कब्जा कर रहे हैं। विरोध किया तो मारपीट की धमकी दे रहे हैं। सोचा था कि समाधान दिवस में न्याय मिलेगा, लेकिन पीड़ा सुनने वाला काेई नहीं है। इस बाबत थाना प्रभारी अजय मलिक ने बताया कि मौसम खराब होने की वजह से कोई नहीं आया। दो लोग आए थे। दोनों पीड़ितों की समस्या का जल्द निदान कराया जाएगा।
लालगंज कोतवाली परिसर में अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने समस्याएं सुनीं। इस दौरान 12 शिकायतें आईं, जिनमें तीन का मौके पर निस्तारण किया गया। समाधान दिवस के पूरे जमा मजरे बहाई गांव के रामकुमार यादव ने ग्राम सभा की एक बीघा नवीन परती भूमि पर कब्जा किए जाने की शिकायत की।
एएसपी ने सभी शिकायतों का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया है। डलमऊ कोतवाली में तहसीलदार प्रज्ञा द्विवेदी ने लोगों की फरियादें सुनीं। गदागंज थाने में एसडीएम फरीद अहमद खान ने फरियादियों की 11 शिकायतें सुनीं और उनके निदान का आदेश दिया।
पारदर्शिता के साथ शिकायतों का करें निपटारा : डीएम
महराजगंज। चंदापुर में शनिवार को आयोजित थाना दिवस में जिलाधिकारी हर्षिता माथुर व पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने शिकायतें सुनीं। उनके सामने अवैध कब्जे, मारपीट, रंजिश, महिला उत्पीड़न से संबंधित पांच शिकायतें आईं। इनमें दो शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि थाना समाधान दिवस में जमीन विवादों की शिकायतों को सूचीबद्ध कर राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मौका मुआयना करें। पारदर्शिता के साथ शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराएं, ताकि फरियादियों को इधर-उधर भटकना न पड़े।