ऊंचाहार (रायबरेली)। एनटीपीसी ऊंचाहार के तत्कालीन जीएम अनुरक्षण एवं परिचालन को एनटीपीसी प्रबंधन ने जबरन रिटायर्ड कर दिया है। इस कार्रवाई से एनटीपीसी के अफसरों में हड़कंप मच गया है। कहा जा रहा है कि एनटीपीसी में एक नवंबर 2017 को हुए दर्दनाक हादसे के चलते उन पर गाज गिरी है।
हालांकि यहां पर तैनात अधिकारी इस बात से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जीएम रिटायर्ड जरूर हुए हैं, लेकिन उनके सेवानिवृत्त से हादसे से कोई लेना देना नहीं है। गौरतलब है कि एनटीपीसी परियोजना ऊंचाहार की 500 मेगावाट की यूनिट नंबर छह में ब्वायलर फटने से दर्दनाक हादसा हुआ था।
घटना के समय यूनिट नंबर छह के महाप्रबंधक परिचालन एवं अनुरक्षण रहे मलय मुखर्जी को जबरन सेवानिवृत्ति दे दी गई है। वर्तमान में वह कोलकाता के क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात हैं। कहा जा रहा है कि घटना के बाद से ही मलय मुखर्जी जांच एजेंसियों के निशाने पर रहे हैं। इसी वजह से जीएम को जबरन सेवानिवृत्ति दिया गया है।
बताते चलें कि ऊंचाहार परियोजना में नवस्थापित 500 मेगावाट की यूनिट नंबर छह में ब्वायलर फटने के कारण विस्फोट हो गया था। इसके कारण परियोजना के तीन अतिरिक्त महाप्रबंधक प्रभात श्रीवास्तव, संजीव कुमार शर्मा व मिश्रीराम समेत कुल 45 लोगों की मौत हो गई थी।
घटना के बाद पूरे देश में मामला सुर्खियां बन गया था। घटना से एनटीपीसी की साख पर धब्बा लग गया था। घटना की जांच शुरू कराई गई थी। हालांकि टीमों की ओर से कराई गई जांच का निष्कर्ष अब तक नहीं निकला है।
इस बाबत एनटीपीसी के स्थानीय अधिकारी ज्यादा कुछ बोलने को तैयार नहीं है। उधर, एनटीपीसी के उप महाप्रबंधक मानव संसाधन बीके पांडेय ने बताया कि मलय मुखर्जी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। एनटीपीसी हादसे से इसका कोई लेना देना नहीं है।