रायबरेली। फरियादियों को न्याय दिलाने और पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने रविवार को नई पहल लागू करने का फरमान जारी किया है। इसके तहत हर दिन एक थाने का एक दरोगा और दो सिपाही एसपी दफ्तर में हाजिरी लगाएंगे। इन पुलिस कर्मियों से पुलिस अधीक्षक थाने के कामकाज और उनके हलका क्षेत्र की कानून व्यवस्था कैसी है, इसकी जानकारी लेंगे।
थाने से संबंधित लंबित विवेचनाओं और इसके कारण की भी जानकारी लेंगे। हलका के दरोगा और सिपाही क्षेत्र में पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने में लापरवाही बरते हैं। इस वजह से आए दिन कोई न कोई घटना हो जाती है। कभी-कभी तो बड़ी घटना भी हो जाती है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगते हैं। लंबित विवेचनाएं होने से पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाता। ऐसे में हर दिन एक थाने का एक दरोगा और दो सिपाही एसपी के सामने पेश होंगे। आरक्षियों को अपने साथ बीट पुस्तिका लेकर जाना होगा।
एसपी उनसे हलका क्षेत्र से संबंधित सभी जानकारी लेंगेे। जैसे उनके क्षेत्र में कौैन-कौन अपराधी हैं। हाल में ही कौन-कौन घटनाएं हुईं। हलका क्षेत्र के किन-किन अपराधियों का किन-किन लोगों के घर पर उठना-बैठना है। आगामी पंचायत चुनाव को लेकर उनके क्षेत्र में किस तरह का माहौल चल रहा है। कोई विवाद होने की स्थिति तो नहीं। क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों का किन-किन लोगों के घर आना जाना है या फिर उनके कौन-कौन करीबी हैं।
थाने का कामकाज कैसे चल रहा है। कहीं भ्रष्टाचार को बढ़ावा तो नहीं दिया जा रहा। थानेदार का जनता के साथ व्यवहार कैसा है। फरियादियों की एफआईआर लिखे जाने में आनाकानी तो नहीं की जाती। यह सब जानकारी लेने के बाद पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के उचित कदम उठाएं जाएंगे। जिले की कमान संभालने के बाद पुलिस अधीक्षक से अधिकतर पुलिस कर्मियों की मुलाकात नहीं हो पाती।
कुुछ मातहत डर या फिर अन्य कारणों से एसपी से नहीं मिल पाते। इस नई व्यवस्था का यह भी मकसद है कि एसपी मातहतों की सीधे मिल सकेंगे और उनके काम की समीक्षा भी कर सकेंगे। मौजूूदा समय में जिले के 19 थानों पर 700 से ज्यादा पुलिस कर्मियों की तैनाती है। एसपी की थानेदार या थानों पर अपराध शाखा का कार्य देख रहे इंस्पेक्टर से ही मुलाकात हो पाती है।
जिले की पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने और फरियादियों को न्याय दिलाने के लिए हर थाने के एक दरोगा और दो सिपाहियों को प्रतिदिन पुलिस कार्यालय बुलाया जाएगा। इसके निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पुुलिस कर्मियों से मिलकर कामकाज की समीक्षा करके उनमें और बदलाव कराया जाएगा। थाने में किसी तरह की कोई गड़बड़ी या फिर भ्रष्टाचार चल रहा है तो इसकी भी जानकारी हो सकेगी।- श्लोक कुमार, पुलिस अधीक्षक