अब एक फोन पर खाकी पहुंचकर आपकी मदद करेगी। यह सुनने में अटपटा जरूर लगता है, लेकिन यह हकीकत में बदलने वाला है। वजह यहां पर डायल-100 का प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है। इसमें दरोगा, हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल समेत 266 पुलिस कर्मियों को शामिल किया गया है।
बुलंदशहर में मां-बेटी के साथ हुई रेप की घटना के बाद 100 नंबर में फोन न उठना खाकी की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया था। नतीजतन इसे गंभीरता लेते हुए शासन के आदेश पर डायल-100 का प्रशिक्षण पुलिस कर्मियों को 2 नवंबर तक दिया जाएगा।
प्रशिक्षण में यह जानकारी भी दी जा रही है कि आम जनता के साथ कैसा व्यवहार करना है। प्रशिक्षण के बाद पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। यदि कहीं पर वारदात होती है तो तुरंत पुलिस पीड़ित के पास पहुंचकर उसकी मदद करेगी।
इसके लिए एसी युक्त चार पहिया गाड़ियां पुलिस महकमे को जल्द मुहैया कराई जाएंगी। यही नहीं हाईटेक तरीके की दो पहिया गाड़ियां भी रहेंगी। एक बाइक पर दो और एसी युक्त चार पहिया गाड़ियों पर चार पुलिस कर्मियों की एक समय में ड्यूटी रहेगी।
पुलिस अफसरों की मानें तो शहर में 10 से 14 मिनट और देहात क्षेत्र में 20 मिनट पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंचेगी। पुलिस लाइंस के प्रतिसार निरीक्षक राजवीर सिंह कहते हैं कि पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दो नवंबर तक प्रशिक्षण चलेगा।
शहर और देहात क्षेत्रों में अलग-अलग पुुलिस कर्मियों की टीमें बनाई जाएंगी। कौन सी पुलिस टीम किस स्थान पर अक्सर मौैजूद रहेगी, जल्द ये स्थान पुलिस महकमे की ओर से चिह्नित किए जाएंगे। कहते हैं कि नई व्यवस्था पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड रहेगी।
घटना की सूचना पर पुलिस टीमें कहां पहुंचेगी, इसकी पूरी लोकेशन रहेगी। पुलिस कर्मी किसी तरह की मनमानी नहीं कर सकेंगे। लखनऊ से आए ट्रेनर छोट्टन खां कहते हैं कि बुलंदशहर कांड में पीड़ित पक्ष की ओर से 100 नंबर पर डायल किया गया था, लेकिन फोन व्यस्त बता रहा था।
नई व्यवस्था में यह दिक्कत नहीं आएगी। डायल करने पर फोन तुरंत काम करेगा। नंबर व्यस्त नहीं बताएगा। कहते हैं कि एक बार में 600 से अधिक कॉल की जा सकेंगी। उनका कहना है कि सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक कई चक्र में पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
एसपी विनय यादव का कहना है कि डायल-100 के तहत पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस नई व्यवस्था से पुलिसिंग व्यवस्था और बेहतर होगी। सूचना पर तुरंत पुलिस पहुंचकर पीड़ित पक्ष की मदद करेगी। एसी युक्त चार पहिया गाड़ियां और दो पहिया बाइकें जल्द विभाग को मिल जाएंगी।