रायबरेली। जिला महिला अस्पताल में बाहर की दवाएं लिखने को अपर निदेशक ने गंभीरता से लिया है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) से जवाब मांगा है। मामला गरमाने के बाद सीएमएस ने सभी छह डॉक्टरों को नोटिस थमा दिया।
चेतावनी दी कि मरीजों को बाजार की दवाएं लिखी तो कार्रवाई होगी। उन्होंने क्वालिटी मैनेजर को भी चेताया है। दिनभर महिला अस्पताल में अफरातफरी का माहौल रहा। महिला अस्पताल में तैनात एक कर्मचारी ही मोनोपोली की दवाएं महिला डॉक्टरों से लिखवा रहा है। चर्चा है कि कर्मचारी अपनी पत्नी के नाम से दवा की एजेंसी संचालित कर रहा है।
उसी एजेंसी की महंगी और मोनोपोली की दवाएं प्रसूताओं को लिखी जा रही हैं। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में जिला महिला अस्पताल में धड़ल्ले से लिख रहे बाजार की दवाएं शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद अपर निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने गंभीर रुख अपनाते हुए सीएमएस डॉ. निर्मला साहू से जवाब मांगा है।
इसके अलावा डीएम के स्तर से भी जवाब मांगा गया है। सीएमएस ने सभी छह महिला डॉक्टरों को अस्पताल में उपलब्ध दवाएं देने के आदेश दिए हैं। बाजार की दवाएं लिखने पर कार्रवाई के लिए लिखापढ़ी की चेतावनी दी है। इससे महिला अस्पताल में दिनभर अफरातफरी का माहौल रहा।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. निर्मला साहू ने बताया कि सभी डॉक्टरों को नोटिस देकर प्रसूताओं को बाजार की दवाएं न लिखने के आदेश दिए गए हैं।