भुवनेश्वर के एक निजी नर्सिंग होम में आग से जलकर 23 लोगों की मौत की घटना पर हरकत में आए अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने जिले के 40 नर्सिंग होम मालिकों को नोटिस दिया है। आग से निपटने के उचित प्रबंध नहीं पर ऐसा किया गया है।
अफसरों की मानें तो जल्द उचित प्रबंध नहीं किये गये तो संबंधित नर्सिंग होम मालिकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। शहर हो या फिर देहात क्षेत्र के निजी नर्सिंग होमों का निर्माण कराया जा रहा है।
खास बात ये है कि इनके निर्माण में आग से निपटने के जरूरी इंतजाम नहीं किए गए हैं। हाल में ही भुवनेश्वर में एक निजी नर्सिंग होम में आग लगने से 23 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद उच्चाधिकारियों के आए दिशा-निर्देश के बाद अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
इसी के तहत लाइफ केयर सेंटर डिग्री कॉलेज चौराहा, शर्मा नर्सिंग होम कैनाल रोड, आशीर्वाद नर्सिंग होम डिग्री कॉलेज चौराहा, निर्मल हॉस्पिटल कप्तान का पुरवा, अर्पणा नर्सिंग होम कानपुर रोड, संजीवनी नर्सिंग होम कैनाल रोड, गुरु प्रसाद मेमोरियल हॉस्पिटल जिला अस्पताल चौराहा समेत 40 नर्सिंग होमों के मालिकों को नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में निजी अस्पतालों में आग से बचाव के प्रबंध न किए जाने का हवाला दिया गया है। जिला अग्निशमन अधिकारी राजीव पांडेय ने बताया कि जिले में नर्सिंग होमों में आग से बचाव के प्रबंध नहीं किए जा रहे हैं।
भुवनेश्वर में हुए हादसे के बाद सभी नर्सिंग होम के मालिकों को नोटिस देकर उनसे जवाब तलब किया गया है। साथ ही आग से बचाव के प्रबंध करने की बात कही गई है। ऐसा न करने पर मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।