नोट बंदी के 14 दिन बाद भी हालात सामान्य होते नहीं दिख रहे हैं। ग्राहकों को जरूरत के मुताबिक धन नहीं मिल पा रहा है। किसानों का भी क्रेडिट कार्ड से पैसा नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को शहर के सभी बैंकों में लोग पैसा निकालने के लिए लाइन में खड़े नजर आए।
जो ग्राहक नोट बदलने आए थे उनके नोट बदलकर अमिट स्याही लगाई गई। शिवगढ़ क्षेत्र की बैंक ऑफ बड़ौदा में धन न मिलने के कारण ग्राहकों ने हंगामा किया। इस दौरान अफरातफरी रही। पुलिस ने किसी तरह से समझा-बुझा कर शांत किया। वहीं ज्यादातर एटीएम में लोग लाइन में खड़े दिखाई दिए।
शहर में बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य बैंकों में भीड़ रही। खासकर एटीएम में अधिक लाइन दिखी। पहले धन-निकासी के चक्कर में ग्राहकों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। 1000 व 500 के नोट बंद होने के 14 दिन बाद भी बैंकों व एटीएम में पर्याप्त कैश की व्यवस्था नहीं है।
ज्यादातर बैंकों से ग्राहकों को पांच-10 हजार रुपये से ज्यादा नहीं दिए जा रहे हैं। शादी वाले परिवारों को अब पैसा निकालना आसान नहीं रह गया है। जिन बचत खातों में 8 नवंबर के पहले बैलेंस ढाई लाख या इससे ज्यादा है। उन्हीं खातों से शादी कार्ड दिखाने, खर्च की रसीदें लगाने व हलफनामा देने पर ही भुगतान किया जाएगा।
शर्ते कठिन कर देने से अब शादी वाले परिवारों को भी पैसा निकालना आसान नहीं रह गया है। इसके अलावा ग्रामीण डाक घरों में अभी भुगतान नहीं हो पा रहा है। प्रधान डाकघर व उपडाकघर से ग्राहकों को थोड़ा पैसा मिल रहा है, लेकिन गांवों के डाकघरों में अब तक नई करेंसी नहीं पहुंची है।
शिवगढ़ क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा बेेडारू में सुबह ग्राहक धन निकासी करने पहुंचे थे। ग्राहकों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब लाइन में लगने के बाद भी धन न होने की बात कही गई। गुस्साए ग्राहकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया और शाखा प्रबंधक को खूब खरीखोटी सुनाई।
दिव्यांग कल्लू धन निकालने बैंक पहुंचा था। उसकी बेटी सूर्यकली की 24 नवंबर को शादी है। उसे 50 हजार रुपये की जरूरत थी। बावजूद बैंक से उसे महज 10 हजार रुपये ही दिए गए। कल्लू का कहना था कि हंगामा करने के बाद किसी तरह रुपये दिए गए।
शत्रोह्न का कहना था कि बेटी संगीता का 25 नवंबर को तिलक जाना है। बावजूद धन न मिलने के कारण परेशानी हो रही है। इसके अलावा दिनेश शुक्ला, दद्दन अवस्थी, नरेंद्र सिंह, दिग्विजय सिंह चौहान आदि का कहना था कि धन की कमी से दिक्कत हो रही है।
वहीं शाखा प्रबंधक जेपी सिंह का कहना है कि जो भी धन आता है, उसे ग्राहकों को दिया जाता है। परशदेपुर क्षेत्र की जिला सहकारी बैंक में कई दिनों से करेंसी नहीं है। खाताधारक दिनेश ने बताया कि सुबह बैंक पैसा निकलने पहुंचे तो बैंक के कर्मचारियों ने कहा पैसा नही है।
मो. फारुख ने बताया बैंक में रुपया न मिलने से काफी दिक्कतें आ रही हैं। बैंक मैनेजर सुशील कुमार मिश्रा का कहना है कि बैंक में कैश नहीं था। इसलिए खाताधारकों को परेशानी हुई। जैसे ही कैश आएगा वितरण किया जायेगा।
उधर, बैंक ऑफ बड़ौदा में भी कई दिनों से दोपहर बाद कैश की कमी हो जाती है। बैंक ऑफ बड़ौदा का लगा एटीएम बंद पड़ा है। खाताधारक अखिलेश सिंह, दिलीप, संदीप का कहना है कि करेंसी की समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।