रायबरेली। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलोन में पूर्व में तैनात रहे दो चिकित्सकों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। इसके अलावा आठ अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ जमानती वारंट किया गया है। कई बार नोटिस के बाद भी जमानत न कराने पर कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। न्यायालय ने सुनवाई के लिए आगामी 29 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है।
सलोन सीएचसी में 29 जून 2022 को एक अखबार से जुड़े प्रतिनिधि के साथ ही खबर कवरेज करते समय चिकित्सकों व अन्य स्टाफ ने मारपीट के साथ ही रुपये छीनने की घटना को अंजाम दिया था। मामले में सलोन कोतवाली क्षेत्र के मटका गांव निवासी अनुभव शुक्ला की शिकायत पर सीएचसी में तैनात रहे फार्मासिस्ट कौशलेंद्र तिवारी, डॉ. अमित सचान, डॉ. सत्येंद्र त्रिपाठी, डॉ. रूपेश जायसवाल व सीएचसी अधीक्षक डॉ. जितेंद्र सिंह के विरुद्ध संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। तत्कालीन सीओ अमित सिंह ने विवेचना पूरी करके 10 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
न्यायालय से कई बार नोटिस के बावजूद जमानत न करवाने पर तृतीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने डॉ. जितेंद्र सिंह व डॉ. रूपेश जायसवाल के खिलाफ गैरजमानती और कौशलेंद्र, सत्येंद्र तिवारी, मो. मंजर, अमित सचान, कुलदीप गुप्ता, रीतेश वर्मा, बद्री सिंह, कमालुद्दीन खान के विरुद्ध जमानती वारंट जारी किया है। सभी को आगामी 29 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है।