फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

175 नहरें सूखीं, 1.50 लाख किसान परेशान

Tue, 14 Feb 2017 11:41 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
विज्ञापन
नहरों से उड़ रही धूल सिंचाई करना मुश्किल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
घाघरा के घटे जलस्तर से 175 रजबहों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। इससे गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा किसानों को पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा हैं। सिंचाई विभाग के अफसर ऊपर से पानी बंद करने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
विज्ञापन


जिले में किसानों की सिंचाई करने के लिए नहरों का जाल बिछाया गया है। घाघरा से निकली शारदा सहायक नहर से जिले के करीब 175 रजबहों और माइनरों में पानी जाता है। इन रजबहों में से करीब डेढ़ लाख किसान खेतों की सिंचाई करते हैं।

किसान रामकिशुन, अभिषेक व रामलखन का कहना है कि रजबहों में पानी न आने के कारण गेहूं की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। सिंचाई विभाग के अफसरों के मुताबिक शारदा सहायक नहर और उससे निकले रजबहों के लिए चार हजार क्यूसेक पानी की जरूरत है।
विज्ञापन


इसके सापेक्ष 600 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। ऐेसे में यह पानी रजबहों में न देकर एनपीटीसी को दिया जा रहा है। एनटीपीसी के अफसर भी कम पानी मिलने से परेशान हैं। यही हाल रहा तो इसका असर बिजली उत्पादन पर पड़ने लगेगा।

परियोजना के अधिकारी और पानी छोड़ने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन सिंचाई विभाग नहर में पानी नहीं उपलब्ध करा पा रहे हैं। एक्सईएन/नोडल अफसर, सिंचाई विभाग, शारदा सहायक खंड दक्षिणी सिद्धार्थ कुमार का कहना है कि घाघरा नदी का जलस्तर घट गया है।

मांग के सापेक्ष पानी की आपूर्ति कम हो रही है। इस वजह से रजबहों का पानी बंद कर दिया गया है, जबकि एनटीपीसी को पानी भेजा जा रहा है। यह समस्या अभी कुछ दिन रहेगी। इसके बाद ही किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिल सकेगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें