विद्युत उपकेंद्र सरेनी जाने वाली हाईटेंशन लाइन में रविवार रात फॉल्ट आने से पांच हजार घरों की बत्ती गुल हो गई। फॉल्ट सोमवार को भी नहीं ठीक किया जा सका। इससे क्षेत्र की 12 टंकियों से पेयजल आपूर्ति भी ठप होने से पेयजल संकट भी गहरा गया।
लोगों को पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी-कर्मचारी पूरे दिन फॉल्ट खोजने में जुटे रहने का दावा करते रहे। 24 घंटे से अंधेरे में रह रहे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आक्रोशित लोगों का कहना है कि जर्जर और ढीले तार होने की वजह से आए दिन समस्या आती है, लेकिन अफसर इन्हें बदलने में रुचि नहीं दिखाते हैं।
डलमऊ ट्रांसमिशन से सरेनी विद्युत उपकेंद्र जाने वाली 33 केवी लाइन में रविवार रात करीब 8 बजे फॉल्ट आ गया। इससे करीब पांच हजार घरों की बिजली गुल हो गई। बिजली नहीं आने से सरेनी क्षेत्र में करीब 12 पानी की टंकियों से सुबह और शाम पेयजल की आपूर्ति भी नहीं हो पाई।
नलकूप भी बंद रहे है। इससे जहां लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा, वहीं किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर सके। पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी व कर्मचारी सोमवार को दिनभर फॉल्ट खोजने में जुटे रहने का दावा तो करते रहे , लेकिन देर शाम खबर लिखे जाने तक फॉल्ट नहीं खोज पाए थे।
उपभोक्ता रोहित शर्मा, महेंद्र सिंह, लक्ष्मी प्रताप, हरिश्चंद्र लोधी, शिवचरन, अवधेश कुमार, विपिन तिवारी ने बताया कि उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारी भी बिजली कब तक आएगी, नहीं बता पा रहे हैं। लाइनें जर्जर होने के कारण आए दिन समस्या आती है।
जानकर भी अफसर अनजान बने हुए हैं। इस बाबत लालगंज के एसडीओ रोहित सिंह ने बताया कि डलमऊ-लालगंज के बीच कहीं फॉल्ट आया है। फॉल्ट ठीक करने के लिए स्टाफ लगाया गया है। जल्द आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।