तिलोई (रायबरेली)। अमेठी जिले के तिलोई तहसील क्षेत्र के रजबहों और माइनरों का हाल बेहाल है। रजबहे में पानी न आने से किसानों को सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है। भेलाई शाहमऊ रजबहे की सफाई कराई गई लेकिन सफाई में जमकर मनमानी भी हुई है। सिल्ट उठाकर पटरियों पर रख दी गई है जो फिर से रजबहे में गिर रही है।
पिछले दो महीने से रजबहे में पानी नहीं आया है। इससे कई किसान फसलों की सिंचाई के लिए परेशान हैं तो कई गेहूं की बोवाई के लिए पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। शारदा सहायक खंड 28 से निकले भेलाई शाहमऊ रजबहा से भेलाई, कमापुर, कूरा, नारायनपुर, चेतरा बुजुर्ग, शाहमऊ, मोहनगंज, नसरतपुर व आशापुर रूरू आदि गांवों के किसान सिंचाई करते हैं।
रजबहे की सफाई में मनमानी हुई है। दस किलोमीटर रजबहे में कहीं सफाई कराई गई तो कहीं छोड़ दिया गया है। खास बात यह है कि पुलियों के नीचे अभी भी सिल्ट भरी है। इससे टेल तक पानी पहुंचना टेढ़ीखीर साबित होगा। किसानों ने बताया कि इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
तिलोई। भेलाई शाहमऊ रजबहे से कई माइनरें निकली हैं। जब रजबहे में पानी नहीं आ रहा है तो माइनरों में कहां से पानी आएगा। किसान रामचंद्र, झगरू ने बताया कि अभी तक ज्यादातर किसान गेहूं की बोवाई नहीं कर पाए हैं। क्योंकि गेहूं की बोवाई से पहले खेतों को पलेवा करने के लिए पानी ही नहीं है। ऐसे में गेहूं की बोवाई का कार्य पिछड़ रहा है।
जरूरत के समय पानी न आने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसान रमेश कुमार, संपूर्णानंद श्रीवास्तव ने बताया कि मटर, चना और सरसों की फसल की सिंचाई करनी है लेकिन नहर में पानी न आने की वजह से किराया चुकाकर निजी नलकूपों से पानी लगाना पड़ेगा।
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता नवनीत वर्मा ने बताया कि अभी तक नहरों की सिल्ट की सफाई का कार्य चल रहा था। इस वजह से नहरों में पानी नहीं आ रहा था। जल्द ही पानी छोड़ा जाएगा। यदि रजबहे की सफाई में किसी प्रकार की मनमानी की गई है तो संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों से लिखापढ़ी की जाएगी।