रायबरेली। चंदापुर थाना क्षेत्र के जनई गांव के एक बाग में कुएं से बरामद लाखों की दवाओं के मामले में विभाग अब तक सुराग नहीं लगा सका है। मामले में सीएमओ के आदेश पर तीन सदस्यीय कमेटी जांच कर रही है। दवाएं कहां से आईं, इसका पता अब तक नहीं लग सका है।
बीती 27 सितंबर को ग्राम जनई में कुएं के अंदर बोरी में दवाएं मिली थीं। सभी दवा राष्ट्रीय कार्यक्रम में बंटने के लिए आई थी। बोरी में सरकारी व प्राइवेट दवाइयां, एक बैनर और एक्सरे बरामद हुआ था। सीएचसी महाराजगंज के अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर दवा को कब्जे में ले लिया था।
सीएमओ के आदेश महराजगंज सीएचसी अधीक्षक ने जांच के लिए डॉ. एसके राय, फाॅर्मासिस्ट जीडी शुक्ला और ब्लाॅक कम्युनिटी प्रोग्राम प्रबंधक शिवाकांत तिवारी की कमेटी गठित कर दी।
बरामद दवाओं के संबंध में हरचंदपुर के रहवां स्थित ड्रग वेयर हाउस से ब्योरा मांगा है। उन्होंने दवाओं के संबंध में पिछले तीन साल का रिकॉर्ड मांगा है, लेकिन अब तक दवाओं के संबंध में सुराग नहीं लग सका है। महराजगंज अधीक्षक डॉ. गणनायक पांडेय ने बताया कि जांच चल रही है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में बांटने के लिए यह दवाएं आशा बहुओं, एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी को दी जाती हैं। जांच कमेटी गठित करने के साथ ही ड्रग वेयर हाउस से तीन साल का रिकॉर्ड मांगा गया है। जल्द ही दवाओं का पता लग जाएगा।