डलमऊ में गांव में पानी भरने से उसे पार कर पशुओं का चारा लेकर जाती महिला।
डलमऊ (रायबरेली)। गंगा नदी का जलस्तर बुधवार से घटने लगा। ऐसे में कटरी क्षेत्र के लोगों ने राहत सांस तो ली है, लेकिन उनकी दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। खेतों में पानी भरा होने से धान, तिल आदि फसलें सड़ रही हैं। किसान पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। गांवों के किनारे तक पानी भरने से आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं।
मंगलवार को खतरे का निशान बिंदु 99.360 मीटर के सापेक्ष नदी का जलस्तर 98.925 मीटर दर्ज किया गया था। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक बुधवार को नदी का जलस्तर घटकर 98.870 मीटर पहुंच गया। इससे कटरी क्षेत्र के जमालनगर मोहिद्दीनपुर, जहांगीराबाद, अंबहा, बबुरा, पूरे रेवती सिंह, चकमलिक भींटी गांवों के लोग राहत महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीण साजन यादव, सघन तिवारी, शिव प्रकाश, अभिषेक कुमार, गनेश कुमार का कहना है कि बाढ़ के खतरे से हम लोग सुरक्षा को लेकर परेशान थे। अब नदी के जलस्तर में कमी आई तो हम सबको राहत मिली है। उनका कहना है कि मिट्टी की कटान हो रही है। मार्गों पर पानी भरने के कारण आवागमन में दिक्कतें हो रही है। लोग संक्रामक बीमारी के चपेट में आ रहे हैं। गांवों में स्वास्थ्य टीम तक नहीं आई है।
बाढ़ प्रभावित गांवों का लिया जायजा
सरेनी। एसडीएम लालगंज मिथिलेश कुमार त्रिपाठी, तहसीलदार शिवम सिंह ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित गांवों पूरे सुकुरू, पूरे अहिरन, पूरे राम प्रसाद का जायजा लिया। लोगों से बातचीत की और भरोसा दिया कि बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। हालांकि, आने-जाने वाले मार्गों पर पानी भरने के कारण लोगों ने आवागमन में हो रही समस्या की जानकारी दी।