रायबरेली। केंद्रीय बजट 2026 को लेकर उद्यमियों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन उदित आजाद का कहना है कि बजट में बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और हाई-स्पीड रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बजट दीर्घकालिक प्रगति का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने सूक्ष्म उद्योगों के लिए प्रस्तावित ग्रोथ फंड, इक्विटी सपोर्ट और टियर-2 व टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान देने को सराहनीय कदम करार दिया। हालांकि, उन्हें उम्मीद थी कि सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए एक स्पष्ट नीति भी लाई जाएगी, लेकिन इस बार बजट में शामिल नहीं की गई। आयकर के मोर्चे पर भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहिताश सिंह तूफानी ने युवाओं में स्किल डेवलपमेंट और आयुर्वेद व वेलनेस सेंटरों पर बजट में किए गए कार्यों की सराहना की है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि छोटे उद्योगों के लिए बजट में अधिक जगह नहीं दी गई है। प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए भी बजट में पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे यह योजना प्रभावित हो सकती है। उद्यमियों मानना है कि बजट में नई प्रौद्योगिकियों और अवसंरचना पर जोर भविष्य के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।