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जिला अस्पताल में बेहोशी के डॉक्टर नहीं

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रायबरेली। जिला अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा बंदी की कगार पर पहुंच गई है। बेहोशी के डॉक्टर न होने से हड्डी सहित अन्य ऑपरेशन ठप हो गए हैं। डीएम ने सीएमओ को बेहोशी के डॉक्टर की व्यवस्था कराने के आदेश दिए हैं। सीएमएस ने अपर निदेशक से अनुरोध करके इमरजेंसी सेवाओं के लिए बेहोशी के डॉक्टर की व्यवस्था कर ली है। अन्य ऑपरेशनों के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है या फिर मरीजों को निजी नर्सिंगहोमों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल के बेहोशी के चिकित्सक डॉ. एसएस पांडेय रिटायर्ड हो गए हैं। कई डॉक्टर जिला अस्पताल में संबद्ध किए गए थे लेकिन कोई रेलकोच के एल-2 अस्पताल में काम कर रहा है तो कोई अन्य अस्पतालों में काम कर रहा है। जिला अस्पताल में बेहोशी के डॉक्टर न होने के बाद भी पीएचसी सहजौरा के चिकित्सक डॉ. शिव प्रकाश को बछरावां सीएचसी से संबद्ध किया गया है।
जिला अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा बहाल करने के लिए बेहोशी के डॉक्टर को यहां से संबद्ध नहीं किया जा रहा है। बछरावां सीएचसी में भी बेहोशी के एक डॉक्टर को रखा गया है।
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जिला अस्पताल में ऑपरेशन की व्यवस्था चरमराने की जानकारी मिलने पर डीएम ने सीएमओ को तुरंत एनेस्थेटिस्ट संबद्ध करने के आदेश दिए हैं। हालांकि अब तक अधिकारियों ने बेहोशी के डॉक्टर की व्यवस्था नहीं की है।
उधर सीएमएस ने अपर निदेशक से अनुरोध करके इमरजेंसी ऑपरेशनों के लिए डॉ. एसके गौतम की व्यवस्था करवा ली है। हालांकि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। ऑपरेशन के लिए उन्हें निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
कोरोना का खतरा कम होने के बाद जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार को सात सौ से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचे। हालांकि कोरोना जांच की अनिवार्यता खत्म होने के बाद मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जांच कराने के लिए कोरोना की निगेटिव जांच जरूरी है। सोमवार को कई कक्षों में डॉक्टरों के न बैठने के कारण मरीजों को परेशान होना पड़ा।
घंटों इंतजार करने के बाद चिकित्सीय सलाह पा सके। ऐसे में दिनभर रोगी बेहाल रहे। 15 फरवरी को होने वाले वाक इन इंटरव्यू में बेहोशी के डॉक्टर के चार पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। यदि बेहोशी के डॉक्टर मिल गए तो जिला अस्पताल व जिले के अन्य बड़े सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन में आ रही दिक्कतों को दूर किया जा सकेगा।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि बेहोशी के चिकित्सक डॉ. एसएस पांडेय रिटायर्ड हो गए हैं। ऐसी स्थिति में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अपर निदेशक से अनुरोध करने के बाद बेहोशी का एक डॉक्टर मिला है लेकिन ऑपरेशन के केस अधिक होने के कारण एक डॉक्टर से काम चल पाना संभव नहीं है।
सीएमओ डॉ. बीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा को सुचारु कराने के लिए बेहोशी के डॉक्टर की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही एनेस्थेटिस्ट जिला अस्पताल से संबद्ध किया जाएगा। इस संबंध में डीएम ने निर्देश दिए हैं।
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